📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Survey of India (British India)
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तमिलनाडु ने चेय्यूर और गुम्मिडिपूंड़ी को चेन्नई के दूसरे हवाई अड्डे के लिए चुना
✍️ The Hindu
🗓 06 सित. 2026, 04:26 AM
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तमिलनाडु सरकार ने चेन्नई के लिए नया हवाई अड्डा बनाने हेतु चेय्यूर और गुम्मिडिपूंड़ी को संभावित स्थल बताया और एएआई को प्री‑फिज़िबिलिटी अध्ययन करने का निर्देश दिया।
तमिलनाडु सरकार ने चेय्यूर (दक्षिण) और गुम्मिडिपूंड़ी (उत्तर) को चेन्नई के दूसरे हवाई अड्डे के संभावित स्थलों के रूप में चुना है। एएआई को भेजे गए आधिकारिक पत्र में दोनों स्थानों की भूमि उपलब्धता, कनेक्टिविटी और भविष्य के यातायात को आंकने के लिए प्री‑फिज़िबिलिटी अध्ययन का अनुरोध किया गया है।
यह चयन कई वर्षों के सर्वेक्षण के बाद किया गया है, जिसका उद्देश्य मौजूदा चेन्नई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के भीड़भाड़ को कम करना है। दोनों साइटें प्रमुख राजमार्गों और औद्योगिक क्षेत्रों के निकट स्थित हैं, जिससे माल और यात्रियों की आवाजाही आसान हो सकती है।
एएआई से अपेक्षा है कि वह अगले कुछ हफ्तों में प्रारंभिक रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा, जिसके बाद राज्य अंतिम स्थल तय कर विस्तृत योजना और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू करेगा।
स्वीकृति मिलने पर नया हवाई अड्डा क्षेत्रीय आर्थिक विकास को तेज करेगा, निवेश को आकर्षित करेगा और तमिलनाडु के दक्षिण एवं उत्तर भागों की हवाई कनेक्टिविटी को सुधार देगा।
यह कदम राज्य की व्यापक बुनियादी ढांचा सुधार योजना का हिस्सा है, जो राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय कार्यक्रमों की तैयारी में चेन्नई को दक्षिण भारत का प्रमुख हवाई हब बनाने की दिशा में है।
यह चयन कई वर्षों के सर्वेक्षण के बाद किया गया है, जिसका उद्देश्य मौजूदा चेन्नई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के भीड़भाड़ को कम करना है। दोनों साइटें प्रमुख राजमार्गों और औद्योगिक क्षेत्रों के निकट स्थित हैं, जिससे माल और यात्रियों की आवाजाही आसान हो सकती है।
एएआई से अपेक्षा है कि वह अगले कुछ हफ्तों में प्रारंभिक रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा, जिसके बाद राज्य अंतिम स्थल तय कर विस्तृत योजना और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू करेगा।
स्वीकृति मिलने पर नया हवाई अड्डा क्षेत्रीय आर्थिक विकास को तेज करेगा, निवेश को आकर्षित करेगा और तमिलनाडु के दक्षिण एवं उत्तर भागों की हवाई कनेक्टिविटी को सुधार देगा।
यह कदम राज्य की व्यापक बुनियादी ढांचा सुधार योजना का हिस्सा है, जो राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय कार्यक्रमों की तैयारी में चेन्नई को दक्षिण भारत का प्रमुख हवाई हब बनाने की दिशा में है।