📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Aiban-03
अपराध
मेघालय उच्च न्यायालय ने किशोर न्याय व्यवस्था को सुदृढ़ और वास्तविक‑समय निगरानी की माँग की
✍️ Syllad
🗓 03 सित. 2026, 10:37 PM
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मेघालय उच्च न्यायालय ने किशोर न्याय व्यवस्था को सुदृढ़ करने और किशोर मामलों की वास्तविक‑समय निगरानी की माँग की, युवा अपराधियों की सुरक्षा हेतु सुधारों की अपील की।
एक नवीन आदेश में, मेघालय उच्च न्यायालय ने राज्य से किशोर न्याय ढांचे को सुदृढ़ करने और किशोर मामलों की वास्तविक‑समय निगरानी शुरू करने का आग्रह किया।
न्यायालय ने मौजूदा व्यवस्था में खामियों को उजागर किया, यह बताते हुए कि युवा अपराधियों को अक्सर देरी और विशेष सहायता की कमी का सामना करना पड़ता है।
इसने समर्पित किशोर न्यायालयों की स्थापना, प्रक्रियाओं को सरल बनाने और डिजिटल ट्रैकिंग की मांग की ताकि समय पर निर्णय लिया जा सके।
यह निर्देश नाबालिगों के अधिकारों की रक्षा और पुनर्वास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से है, जिससे किशोर मामलों में न्यायिक निगरानी का नया मानदंड स्थापित हो।
न्यायालय ने मौजूदा व्यवस्था में खामियों को उजागर किया, यह बताते हुए कि युवा अपराधियों को अक्सर देरी और विशेष सहायता की कमी का सामना करना पड़ता है।
इसने समर्पित किशोर न्यायालयों की स्थापना, प्रक्रियाओं को सरल बनाने और डिजिटल ट्रैकिंग की मांग की ताकि समय पर निर्णय लिया जा सके।
यह निर्देश नाबालिगों के अधिकारों की रक्षा और पुनर्वास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से है, जिससे किशोर मामलों में न्यायिक निगरानी का नया मानदंड स्थापित हो।