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24 अग. 2026
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शिक्षा

लखनपुर प्री-मैट्रिक छात्रावास में बच्चों से निर्माण कार्य कराने का आरोप, तस्वीरों ने खड़े किए गंभीर सवाल

✍️ रिपोर्टर: Pankaj sahu 🗓 23 अग. 2026, 01:50 PM 👁 12
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लखनपुर के प्री-मैट्रिक छात्रावास में रहकर पढ़ाई कर रहे स्कूली बच्चों से कथित तौर पर निर्माण कार्य में मेहनत कराने का मामला सामने आया है। सामने आई तस्वीरों में कुछ बच्चे गिट्टी-बालू ढोते, फावड़े से खुदाई करते और निर्माण सामग्री उठाते नजर आ रहे हैं। मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदारी तय करने की मांग उठ रही है।

लखनपुर। शिक्षा के लिए प्री-मैट्रिक छात्रावास में रह रहे स्कूली बच्चों से कथित तौर पर निर्माण कार्य कराए जाने का मामला सामने आने के बाद छात्रावास की व्यवस्था और बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
मामले से जुड़ी सामने आई तस्वीरों में छात्रावास में रहने वाले कुछ बच्चे गिट्टी-बालू ढोते, फावड़े से खुदाई करते और निर्माण सामग्री को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाते दिखाई दे रहे हैं। तस्वीरों के सामने आने के बाद यह सवाल उठ रहा है कि पढ़ाई के लिए छात्रावास में रहने वाले नाबालिग विद्यार्थियों को निर्माण कार्य में क्यों लगाया गया।
बताया जा रहा है कि संबंधित बच्चे ग्राम पंचायत अरगोती एवं आसपास के क्षेत्रों के रहने वाले हैं और शिक्षा के उद्देश्य से लखनपुर स्थित प्री-मैट्रिक छात्रावास में रह रहे हैं। इनमें स्वामी आत्मानंद विद्यालय सहित अन्य शासकीय स्कूलों में अध्ययनरत विद्यार्थी भी शामिल बताए जा रहे हैं।
छात्रावास का उद्देश्य विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए सुरक्षित और अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराना है। ऐसे में यदि बच्चों से नियमित या श्रमसाध्य निर्माण कार्य कराया जा रहा है, तो यह उनकी पढ़ाई, सुरक्षा और छात्रावास व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता का विषय हो सकता है।
तस्वीरों के बाद उठे सवाल
सामने आई तस्वीरों को लेकर अब कई सवाल खड़े हो रहे हैं—
बच्चों को निर्माण कार्य में लगाने की अनुमति किसने दी?
क्या छात्रावास प्रबंधन को इस गतिविधि की जानकारी थी?
निर्माण कार्य के दौरान बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी थी?
क्या बच्चों को पढ़ाई के समय निर्माण कार्य में लगाया गया?
छात्रावास में नाबालिग विद्यार्थियों की निगरानी और सुरक्षा की व्यवस्था कैसी है?
मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए संबंधित विभाग द्वारा मौके की जांच और बच्चों व छात्रावास प्रबंधन के बयान दर्ज किया जाना आवश्यक माना जा रहा है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बच्चों से किस परिस्थिति में और किसके निर्देश पर निर्माण कार्य कराया गया।
यदि जांच में बच्चों से नियम विरुद्ध श्रम कराए जाने की पुष्टि होती है, तो जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की मांग क्षेत्रवासियों द्वारा की जा सकती है।
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