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03 सित. 2026
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मिसाइल सिस्टम की सुरक्षा के लिए भारत ने स्वदेशी डेटालिंक की मांग की
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Knottycomdr69
रक्षा

मिसाइल सिस्टम की सुरक्षा के लिए भारत ने स्वदेशी डेटालिंक की मांग की

✍️ Goa Chronicle 🗓 03 सित. 2026, 12:48 AM 👁 8
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भारत अपने मिसाइल और रक्षा प्रणालियों के लिए विदेशी तकनीक पर निर्भरता घटाने हेतु स्वदेशी डेटालिंक विकसित करने पर ज़ोर दे रहा है।

नई दिल्ली ने अपने मिसाइल और रक्षा प्रणालियों को जोड़ने वाले डेटालिंक तकनीक के स्वदेशी विकास को तेज करने का आग्रह किया है। अधिकारियों का मानना है कि विदेशी घटकों पर निर्भरता से महत्वपूर्ण हथियारों को आपूर्ति श्रृंखला में बाधा और सुरक्षा जोखिमों का सामना करना पड़ सकता है। स्वदेशी समाधान भारतीय प्लेटफ़ॉर्म के साथ बेहतर एकीकरण की अनुमति देगा और मेक इन इंडिया के तहत रणनीतिक स्वायत्तता को सुदृढ़ करेगा। यह पहल तब आई है जब भारतीय सेना अपने मिसाइल भंडार को आधुनिक बना रही है और सभी परिचालन स्थितियों में संचार लिंक की विश्वसनीयता सुनिश्चित करना चाहती है।

उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि एक घरेलू डेटालिंक भारतीय मिसाइल परिवारों की विशिष्ट आवश्यकताओं के अनुसार तैयार किया जा सकता है, जिससे एन्क्रिप्शन और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध के प्रति प्रतिरोध दोनों में सुधार होगा। सरकार रक्षा अनुसंधान संस्थानों को वित्तीय सहायता और तकनीकी समर्थन देकर प्रोटोटाइप विकास और उत्पादन को तेज करने की योजना बना रही है।

हितधारक यह भी बताते हैं कि इस महत्वपूर्ण क्षेत्र में स्वनिर्भरता हासिल करने से दीर्घकालिक रूप से खरीद लागत में कमी आएगी और बाहरी अनुमोदनों की आवश्यकता घटेगी। यह कदम हाल ही में घोषित नीति वक्तव्यों के साथ मेल खाता है, जो रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी समाधान को प्राथमिकता देता है।
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