📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Apurba Biswas
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दिल्ली‑पटना उड़ान में पक्षी टकराव, 164 यात्रियों के साथ आपात लैंडिंग
✍️ Bhaskar English
🗓 24 अग. 2026, 05:36 PM
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दिल्ली से पटना की घरेलू उड़ान में पक्षी टकराने के कारण पटना हवाई अड्डे पर आपात लैंडिंग की गई, जिसमें 164 यात्रियों ने सफर किया। यह हफ्ते में दो बार हुआ पहला पक्षी‑टकराव है।
दिल्ली‑पटना के बीच चल रही एक घरेलू उड़ान ने उड़ान के प्रारम्भ में पक्षी टकराव का सामना किया, जिससे पायलटों को पटना हवाई अड्डे पर आपात लैंडिंग करनी पड़ी। 164 यात्रियों और चालक दल को सुरक्षित रूप से विमान से उतारा गया।
हवाई अड्डे के अधिकारियों ने बताया कि पक्षी के टकराव से इंजन की कार्यक्षमता प्रभावित हुई, जिससे पायलटों ने मानक आपातकालीन प्रक्रियाओं का पालन किया। कोई चोट नहीं लगी और विमान की तकनीकी जांच के बाद उड़ान को पुनः निर्धारित किया जाएगा।
यह घटना पिछले सात दिनों में पटना हवाई अड्डे पर दूसरा पक्षी‑टकराव है, जिससे हवाई अड्डे के आसपास वन्यजीव प्रबंधन पर सवाल उठे हैं। नागरिक उड्डयन विभाग (DGCA) को सूचित किया गया है और एक प्रारम्भिक जांच शुरू की गई है, जिसमें टकराए गए पक्षी की प्रजाति और मौजूदा पक्षी‑नियंत्रण उपायों की प्रभावशीलता का मूल्यांकन किया जाएगा।
अधिकारियों ने एयरलाइन और हवाई अड्डा प्रबंधन से आग्रह किया है कि वे पक्षी‑खतरे को कम करने के लिए आवास संशोधन, ध्वनि या प्रकाश संकेत जैसे निरोधक उपकरणों का उपयोग तेज़ करें, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।
हवाई अड्डे के अधिकारियों ने बताया कि पक्षी के टकराव से इंजन की कार्यक्षमता प्रभावित हुई, जिससे पायलटों ने मानक आपातकालीन प्रक्रियाओं का पालन किया। कोई चोट नहीं लगी और विमान की तकनीकी जांच के बाद उड़ान को पुनः निर्धारित किया जाएगा।
यह घटना पिछले सात दिनों में पटना हवाई अड्डे पर दूसरा पक्षी‑टकराव है, जिससे हवाई अड्डे के आसपास वन्यजीव प्रबंधन पर सवाल उठे हैं। नागरिक उड्डयन विभाग (DGCA) को सूचित किया गया है और एक प्रारम्भिक जांच शुरू की गई है, जिसमें टकराए गए पक्षी की प्रजाति और मौजूदा पक्षी‑नियंत्रण उपायों की प्रभावशीलता का मूल्यांकन किया जाएगा।
अधिकारियों ने एयरलाइन और हवाई अड्डा प्रबंधन से आग्रह किया है कि वे पक्षी‑खतरे को कम करने के लिए आवास संशोधन, ध्वनि या प्रकाश संकेत जैसे निरोधक उपकरणों का उपयोग तेज़ करें, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।