📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Bernard Gagnon
स्थानीय
कान्हा टाइगर रिज़र्व में 1.5 साल की कमजोर बाघिन का बचाव, क्वारेंटाइन सेंटर में उपचार जारी
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 29 अग. 2026, 07:32 PM
👁 26
वन अधिकारियों ने मंडला के कान्हा टाइगर रिज़र्व से 1.5 साल की कमजोर बाघिन को बचाया। बाघिन अब क्वारेंटाइन सेंटर में उपचार ले रही है।
मध्य प्रदेश के कान्हा टाइगर रिज़र्व में वन विभाग की टीमों ने लगभग डेढ़ साल की एक कमजोर बाघिन को पहचाना। पशु चिकित्सकों ने उसकी स्थिति का मूल्यांकन कर तुरंत बचाव की आवश्यकता बताई।
बाघिन को सावधानीपूर्वक पकड़कर रिज़र्व के क्वारेंटाइन सेंटर ले जाया गया, जहाँ वन्यजीव चिकित्सकों की टीम ने पोषण, द्रव उपचार और संक्रमण की निगरानी सहित सहायक देखभाल शुरू की है।
अधिकारी बताते हैं कि यह बचाव बाघ जनसंख्या के स्वास्थ्य को बनाए रखने की चुनौतियों को दर्शाता है और बाघिन को तब तक क्वारेंटाइन में रखा जाएगा जब तक वह पर्याप्त रूप से स्वस्थ न हो जाए और फिर वन में छोड़ दी जा सके।
वन विभाग ने बाघिन की कमजोरी के सटीक कारण का खुलासा नहीं किया, पर नियमित स्वास्थ्य जांच को संरक्षण प्रोटोकॉल का हिस्सा बताया गया है।
बाघिन की स्थिति में सुधार के साथ आगे की जानकारी दी जाएगी।
बाघिन को सावधानीपूर्वक पकड़कर रिज़र्व के क्वारेंटाइन सेंटर ले जाया गया, जहाँ वन्यजीव चिकित्सकों की टीम ने पोषण, द्रव उपचार और संक्रमण की निगरानी सहित सहायक देखभाल शुरू की है।
अधिकारी बताते हैं कि यह बचाव बाघ जनसंख्या के स्वास्थ्य को बनाए रखने की चुनौतियों को दर्शाता है और बाघिन को तब तक क्वारेंटाइन में रखा जाएगा जब तक वह पर्याप्त रूप से स्वस्थ न हो जाए और फिर वन में छोड़ दी जा सके।
वन विभाग ने बाघिन की कमजोरी के सटीक कारण का खुलासा नहीं किया, पर नियमित स्वास्थ्य जांच को संरक्षण प्रोटोकॉल का हिस्सा बताया गया है।
बाघिन की स्थिति में सुधार के साथ आगे की जानकारी दी जाएगी।