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पटना में युवा नशे और आत्महत्या की घटनाओं पर माता‑पिता को सतर्क रहने की अपील
पटना में बढ़ती नशे की लत और आत्महत्या की घटनाओं ने माता‑पिता को अपने बच्चों की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखने की चेतावनी दी है।
पटना में युवा वर्ग में समय से पहले ही वयस्कता की प्रवृत्ति बढ़ रही है, जहाँ नशे की लत, गलत संगत और सोशल मीडिया के अत्यधिक प्रयोग से जीवन में अस्थिरता उत्पन्न हो रही है। इन प्रवृत्तियों को रोकने के लिये माता‑पिता की सक्रिय निगरानी आवश्यक है।
हाल ही में दशहरा के अवसर पर एक पिता ने अपने पुत्र को हॉस्टल में रहने के लिये बाध्य किया, जिसके परिणामस्वरूप युवक ने आत्महत्या कर ली। यह घटना न केवल परिवार को बल्कि पूरे समाज को झकझोर कर रख गई।
कई परिवारों में केवल संतान के रूप में रहने वाले बच्चों को ₹10,000 प्रति माह हॉस्टल और कोचिंग के लिये देना पड़ता है, जबकि कुछ लड़कियों के पास ₹1.5 लाख की महँगी मोबाइल और फैशनेबल कपड़े होते हैं, जिनके स्रोत को समझना माता‑पिता की जिम्मेदारी बन जाता है।
इन घटनाओं ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सामाजिक माहौल पहले जैसा नहीं रहा; अब कोई रोक‑टोक नहीं है। इसलिए माता‑पिता को चाहिए कि वे अपने बच्चों की दैनिक गतिविधियों, मित्र मंडली और ऑनलाइन व्यवहार पर सतर्क नज़र रखें, ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदियों से बचा जा सके।
हाल ही में दशहरा के अवसर पर एक पिता ने अपने पुत्र को हॉस्टल में रहने के लिये बाध्य किया, जिसके परिणामस्वरूप युवक ने आत्महत्या कर ली। यह घटना न केवल परिवार को बल्कि पूरे समाज को झकझोर कर रख गई।
कई परिवारों में केवल संतान के रूप में रहने वाले बच्चों को ₹10,000 प्रति माह हॉस्टल और कोचिंग के लिये देना पड़ता है, जबकि कुछ लड़कियों के पास ₹1.5 लाख की महँगी मोबाइल और फैशनेबल कपड़े होते हैं, जिनके स्रोत को समझना माता‑पिता की जिम्मेदारी बन जाता है।
इन घटनाओं ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सामाजिक माहौल पहले जैसा नहीं रहा; अब कोई रोक‑टोक नहीं है। इसलिए माता‑पिता को चाहिए कि वे अपने बच्चों की दैनिक गतिविधियों, मित्र मंडली और ऑनलाइन व्यवहार पर सतर्क नज़र रखें, ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदियों से बचा जा सके।