उत्तर प्रदेश के आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर, शासन ने तय किया श्रेणीवार पारिश्रमिक; जानिए किस श्रेणी में कितना मिलेगा वेतन
उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के विभिन्न सरकारी विभागों में कार्यरत आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के पारिश्रमिक को लेकर महत्वपूर्ण शासनादेश जारी किया है। शासनादेश के माध्यम से कर्मचारियों की चार श्रेणियां निर्धारित करते हुए प्रत्येक श्रेणी का मासिक पारिश्रमिक, ईपीएफ (EPF), ईएसआई (ESI) की कटौती और खाते में मिलने वाली वास्तविक धनराशि का पूरा विवरण दिया गया है।
सचिवालय प्रशासन अनुभाग-13 (विविध) की ओर से 2 नवंबर 2026 को जारी शासनादेश संख्या 3/2026 में बताया गया है कि आउटसोर्सिंग कर्मचारियों का निर्धारित पारिश्रमिक 2 सितंबर 2026 से लागू माना जाएगा।
चार श्रेणियों में निर्धारित हुआ मासिक पारिश्रमिक
शासनादेश में कर्मचारियों को चार श्रेणियों में बांटकर उनका मासिक पारिश्रमिक निर्धारित किया गया है।
1. श्रेणी-4 के कर्मचारी
* कुल मासिक पारिश्रमिक: ₹17,646
* EPF कटौती: ₹2,117.52
* ESI कटौती: ₹132.35
* खाते में मिलने वाली धनराशि: ₹15,396.14
2. श्रेणी-3 के कर्मचारी
* कुल मासिक पारिश्रमिक: ₹19,446
* EPF कटौती: ₹2,333.52
* ESI कटौती: ₹145.85
* खाते में मिलने वाली धनराशि: ₹16,966.64
3. श्रेणी-2 के कर्मचारी
* कुल मासिक पारिश्रमिक: ₹21,947
* EPF कटौती: ₹2,633.64
* ESI कटौती: ₹164.60
* खाते में मिलने वाली धनराशि: ₹19,148.76
4. श्रेणी-1 के कर्मचारी
* कुल मासिक पारिश्रमिक: ₹39,000
* EPF कटौती: ₹0
* ESI कटौती: ₹0
* खाते में मिलने वाली धनराशि: ₹39,000
कर्मचारियों को मिलने वाले वेतन से जुड़ी जरूरी बातें
शासनादेश में स्पष्ट किया गया है कि कर्मचारियों के कुल पारिश्रमिक में से EPF और ESI की निर्धारित कर्मचारी अंशदान राशि काटी जाएगी। कटौती के बाद बची हुई धनराशि कर्मचारी के बैंक खाते में भेजी जाएगी।
EPF क्या है?
EPF यानी कर्मचारी भविष्य निधि। यह कर्मचारी की बचत होती है, जिसमें कर्मचारी के वेतन से निर्धारित राशि जमा की जाती है। इसके साथ नियोजक की ओर से भी निर्धारित अंशदान जमा किया जाता है। इसका लाभ कर्मचारी को भविष्य में मिलता है।
ESI क्या है?
ESI यानी कर्मचारी राज्य बीमा। इसके माध्यम से पात्र कर्मचारियों को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं और नियमानुसार अन्य लाभ मिलते हैं।
क्या EPF और ESI के अलावा भी कर्मचारियों के वेतन से कटौती होगी?
शासनादेश में इस संबंध में भी स्थिति स्पष्ट की गई है। EPF और ESI के कर्मचारी अंशदान के अलावा सर्विस चार्ज, सेंटेज चार्ज और GST का भुगतान संबंधित विभाग द्वारा किया जाएगा। इनका भार कर्मचारी के निर्धारित पारिश्रमिक से नहीं काटा जाएगा।
श्रेणी-1 के कर्मचारियों के लिए विशेष व्यवस्था
श्रेणी-1 के कर्मचारियों का मासिक पारिश्रमिक ₹39,000 निर्धारित किया गया है। शासनादेश की टिप्पणी के अनुसार इस श्रेणी में EPF की कटौती को लेकर संबंधित विभाग अपने स्तर से निर्णय ले सकते हैं। जारी तालिका में फिलहाल EPF और ESI की कर्मचारी कटौती शून्य दिखाई गई है।
सभी विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश
शासनादेश में प्रदेश के समस्त अपर मुख्य सचिवों, प्रमुख सचिवों, सचिवों, मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों और उत्तर प्रदेश आउटसोर्सिंग सेवा निगम को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
साथ ही जिन विभागों ने GeM पोर्टल के माध्यम से निर्धारित दरों से कम पारिश्रमिक पर कर्मचारियों को नियुक्त किया है, वहां अतिरिक्त खर्च की भरपाई के लिए बजटीय व्यवस्था करने की बात भी कही गई है।
आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह शासनादेश?
इस आदेश से पहली बार चार श्रेणियों के अनुसार पारिश्रमिक, कर्मचारी की वेतन कटौती और खाते में मिलने वाली धनराशि का स्पष्ट विवरण सामने आया है। इससे कर्मचारियों को अपने वेतन का हिसाब समझने और निर्धारित पारिश्रमिक के संबंध में जानकारी प्राप्त करने में आसानी होगी।
कर्मचारियों के लिए जरूरी संदेश: सभी आउटसोर्सिंग कर्मचारी अपने विभाग और एजेंसी से यह जानकारी अवश्य प्राप्त करें कि उनकी नियुक्ति किस श्रेणी में की गई है और उन्हें शासनादेश के अनुसार कितना पारिश्रमिक मिलना चाहिए।
सचिवालय प्रशासन अनुभाग-13 (विविध) की ओर से 2 नवंबर 2026 को जारी शासनादेश संख्या 3/2026 में बताया गया है कि आउटसोर्सिंग कर्मचारियों का निर्धारित पारिश्रमिक 2 सितंबर 2026 से लागू माना जाएगा।
चार श्रेणियों में निर्धारित हुआ मासिक पारिश्रमिक
शासनादेश में कर्मचारियों को चार श्रेणियों में बांटकर उनका मासिक पारिश्रमिक निर्धारित किया गया है।
1. श्रेणी-4 के कर्मचारी
* कुल मासिक पारिश्रमिक: ₹17,646
* EPF कटौती: ₹2,117.52
* ESI कटौती: ₹132.35
* खाते में मिलने वाली धनराशि: ₹15,396.14
2. श्रेणी-3 के कर्मचारी
* कुल मासिक पारिश्रमिक: ₹19,446
* EPF कटौती: ₹2,333.52
* ESI कटौती: ₹145.85
* खाते में मिलने वाली धनराशि: ₹16,966.64
3. श्रेणी-2 के कर्मचारी
* कुल मासिक पारिश्रमिक: ₹21,947
* EPF कटौती: ₹2,633.64
* ESI कटौती: ₹164.60
* खाते में मिलने वाली धनराशि: ₹19,148.76
4. श्रेणी-1 के कर्मचारी
* कुल मासिक पारिश्रमिक: ₹39,000
* EPF कटौती: ₹0
* ESI कटौती: ₹0
* खाते में मिलने वाली धनराशि: ₹39,000
कर्मचारियों को मिलने वाले वेतन से जुड़ी जरूरी बातें
शासनादेश में स्पष्ट किया गया है कि कर्मचारियों के कुल पारिश्रमिक में से EPF और ESI की निर्धारित कर्मचारी अंशदान राशि काटी जाएगी। कटौती के बाद बची हुई धनराशि कर्मचारी के बैंक खाते में भेजी जाएगी।
EPF क्या है?
EPF यानी कर्मचारी भविष्य निधि। यह कर्मचारी की बचत होती है, जिसमें कर्मचारी के वेतन से निर्धारित राशि जमा की जाती है। इसके साथ नियोजक की ओर से भी निर्धारित अंशदान जमा किया जाता है। इसका लाभ कर्मचारी को भविष्य में मिलता है।
ESI क्या है?
ESI यानी कर्मचारी राज्य बीमा। इसके माध्यम से पात्र कर्मचारियों को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं और नियमानुसार अन्य लाभ मिलते हैं।
क्या EPF और ESI के अलावा भी कर्मचारियों के वेतन से कटौती होगी?
शासनादेश में इस संबंध में भी स्थिति स्पष्ट की गई है। EPF और ESI के कर्मचारी अंशदान के अलावा सर्विस चार्ज, सेंटेज चार्ज और GST का भुगतान संबंधित विभाग द्वारा किया जाएगा। इनका भार कर्मचारी के निर्धारित पारिश्रमिक से नहीं काटा जाएगा।
श्रेणी-1 के कर्मचारियों के लिए विशेष व्यवस्था
श्रेणी-1 के कर्मचारियों का मासिक पारिश्रमिक ₹39,000 निर्धारित किया गया है। शासनादेश की टिप्पणी के अनुसार इस श्रेणी में EPF की कटौती को लेकर संबंधित विभाग अपने स्तर से निर्णय ले सकते हैं। जारी तालिका में फिलहाल EPF और ESI की कर्मचारी कटौती शून्य दिखाई गई है।
सभी विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश
शासनादेश में प्रदेश के समस्त अपर मुख्य सचिवों, प्रमुख सचिवों, सचिवों, मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों और उत्तर प्रदेश आउटसोर्सिंग सेवा निगम को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
साथ ही जिन विभागों ने GeM पोर्टल के माध्यम से निर्धारित दरों से कम पारिश्रमिक पर कर्मचारियों को नियुक्त किया है, वहां अतिरिक्त खर्च की भरपाई के लिए बजटीय व्यवस्था करने की बात भी कही गई है।
आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह शासनादेश?
इस आदेश से पहली बार चार श्रेणियों के अनुसार पारिश्रमिक, कर्मचारी की वेतन कटौती और खाते में मिलने वाली धनराशि का स्पष्ट विवरण सामने आया है। इससे कर्मचारियों को अपने वेतन का हिसाब समझने और निर्धारित पारिश्रमिक के संबंध में जानकारी प्राप्त करने में आसानी होगी।
कर्मचारियों के लिए जरूरी संदेश: सभी आउटसोर्सिंग कर्मचारी अपने विभाग और एजेंसी से यह जानकारी अवश्य प्राप्त करें कि उनकी नियुक्ति किस श्रेणी में की गई है और उन्हें शासनादेश के अनुसार कितना पारिश्रमिक मिलना चाहिए।