📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ed Hawkins, University of Reading
विदेश
नेपाल बाढ़ के बाद सिखिम ने विकसित देशों से जलवायु ज़िम्मेदारी की मांग
✍️ India Today NE
🗓 03 सित. 2026, 01:17 AM
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नेपाल में बाढ़ के बाद सिखिम के प्रतिनिधियों ने विकसित देशों से जलवायु परिवर्तन की जिम्मेदारी लेने का आग्रह किया।
सिखिम के राजनीतिक और सामाजिक नेताओं ने मंगलवार को एक प्रेस ब्रीफ़िंग में नेपाल में हालिया बाढ़ को व्यापक जलवायु संकट से जोड़ा। उन्होंने कहा कि अत्यधिक वर्षा और बाढ़ का विस्तार ग्लोबल वार्मिंग से बढ़ा है, जिसकी जिम्मेदारी विकसित देशों पर है।
वक्ता विकसित देशों से पेरिस समझौते के तहत अपने वादे पूरा करने और हिमालयी क्षेत्रों में अनुकूलन के लिए वित्तीय सहायता बढ़ाने का आग्रह कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि जलवायु प्रभाव सीमाओं से परे हैं, इसलिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग आवश्यक है।
यह अपील अंतरराष्ट्रीय समुदाय को लक्षित करने के साथ-साथ भारत को भी हिमालय में जलवायु लचीलापन बढ़ाने की सलाह देती है, क्योंकि सिखिम जैसे ऊँचे इलाकों को अत्यधिक मौसम से अधिक जोखिम है।
नेपाल सरकार अभी भी बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन कर रही है, जहाँ हजारों लोग विस्थापित हुए हैं और बुनियादी ढाँचा गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त है। सिखिम का यह आह्वान जलवायु न्याय पर वैश्विक चर्चा में एक क्षेत्रीय आवाज जोड़ता है।
वक्ता विकसित देशों से पेरिस समझौते के तहत अपने वादे पूरा करने और हिमालयी क्षेत्रों में अनुकूलन के लिए वित्तीय सहायता बढ़ाने का आग्रह कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि जलवायु प्रभाव सीमाओं से परे हैं, इसलिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग आवश्यक है।
यह अपील अंतरराष्ट्रीय समुदाय को लक्षित करने के साथ-साथ भारत को भी हिमालय में जलवायु लचीलापन बढ़ाने की सलाह देती है, क्योंकि सिखिम जैसे ऊँचे इलाकों को अत्यधिक मौसम से अधिक जोखिम है।
नेपाल सरकार अभी भी बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन कर रही है, जहाँ हजारों लोग विस्थापित हुए हैं और बुनियादी ढाँचा गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त है। सिखिम का यह आह्वान जलवायु न्याय पर वैश्विक चर्चा में एक क्षेत्रीय आवाज जोड़ता है।