🌱 पर्यावरण संरक्षण की दिशा में पौधारोपण अभियान जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों की मौजूदगी में पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित, हरियाली बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश।
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संक्षिप्त सारांश पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं स्थानीय लोगों ने सहभागिता करते हुए पौधे लगाए और हरियाली बढ़ाने तथा पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज मंत्री श्री ईश्वर बी. खांद्रे ने श्रमिकों के साथ मिलकर बीदर जिले के औरा तालुका के धुपाता महागांव ग्राम पंचायत क्षेत्र में वीबी-जी रामजी योजना के अंतर्गत सीसीटी (कंटूर ट्रेंच) कार्य स्थल पर मिट्टी उठाकर दान की। बाद में, मंत्री जी ने श्रमिकों से बातचीत की और कहा कि वीबी-जी रामजी योजना के तहत श्रमिकों को और अधिक रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि इस उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। पहले जो मजदूरी 370 रुपये प्रतिदिन थी, उसे बढ़ाकर 382 रुपये कर दिया गया है। साथ ही, वार्षिक रोजगार दिवसों को 100 से बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है और योजना के तहत किए जा सकने वाले कार्यों की संख्या बढ़ाकर 318 कर दी गई है। उन्होंने जानकारी दी कि ग्रामीण क्षेत्रों के दिहाड़ी मजदूरों को योजना की सुविधाओं का लाभ उठाना चाहिए और अपने ही गांवों में रोजगार प्राप्त करना चाहिए। इस तरह रोजगार उपलब्ध कराया जाना चाहिए ताकि कोई भी भूखा न रहे।
1 जुलाई से लागू वीबी-जी रामजी योजना के तहत, केंद्र और राज्य सरकारों की 60:40 की साझेदारी में इस योजना को कार्यान्वित किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक पात्र दिहाड़ी मजदूर को रोजगार सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि इस उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। पहले जो मजदूरी 370 रुपये प्रतिदिन थी, उसे बढ़ाकर 382 रुपये कर दिया गया है। साथ ही, वार्षिक रोजगार दिवसों को 100 से बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है और योजना के तहत किए जा सकने वाले कार्यों की संख्या बढ़ाकर 318 कर दी गई है। उन्होंने जानकारी दी कि ग्रामीण क्षेत्रों के दिहाड़ी मजदूरों को योजना की सुविधाओं का लाभ उठाना चाहिए और अपने ही गांवों में रोजगार प्राप्त करना चाहिए। इस तरह रोजगार उपलब्ध कराया जाना चाहिए ताकि कोई भी भूखा न रहे।
1 जुलाई से लागू वीबी-जी रामजी योजना के तहत, केंद्र और राज्य सरकारों की 60:40 की साझेदारी में इस योजना को कार्यान्वित किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक पात्र दिहाड़ी मजदूर को रोजगार सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।