अपराध
ऑनलाइन लोन के नाम पर ठगी करने वाले दो लोग हुए गिरफ्तार
ऑन लाइन ठगी करने वाले दो आरोपी को पुलिस ने किया गिरफ्तार। पूछताछ जारी
नवादा से अवनीश कुमार कि रिपोर्ट
ऑनलाइन लोन के नाम पर साइबर ठगी करने वाले दो अपराधी गिरफ्तार
बाघी और चकवाय में छापेमारी, तीन एंड्रॉयड मोबाइल व 9,770 रुपये नकद बराम
नवादा ऑनलाइन लोन दिलाने का झांसा देकर लोगों से साइबर ठगी करने वाले गिरोह के खिलाफ वारिसलीगंज पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके पास से तीन एंड्रॉयड मोबाइल फोन तथा साइबर ठगी से संबंधित 9,770 रुपये नकद बरामद किए हैं।
पुलिस के अनुसार, 12 सितंबर 2026 को साइबर अपराधियों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए नवादा पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर वारिसलीगंज थानाध्यक्ष सह पुलिस निरीक्षक पंकज कुमार सैनी के नेतृत्व में टीम गठित की गई। टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर वारिसलीगंज थाना क्षेत्र के बाघी और चकवाय गांव के समीप अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की।
पहली कार्रवाई बाघी गांव में की गई, जहां से एक साइबर अपराधी को दो एंड्रॉयड मोबाइल के साथ पकड़ा गया। वहीं दूसरी कार्रवाई चकवाय गांव के पास करते हुए एक अन्य साइबर अपराधी को एक एंड्रॉयड मोबाइल और साइबर ठगी की नकदी के साथ गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रूपांशू कुमार (24 वर्ष), पिता स्व. मुन्द्रिका प्रसाद, ग्राम मीरबिगहा (चकवाय), थाना वारिसलीगंज तथा राजेश कुमार (21 वर्ष), पिता स्व. दुखन मालाकार, ग्राम चकवाय, थाना वारिसलीगंज के रूप में हुई है।
ऐसे बनाते थे लोगों को शिकार*
पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे बजाज फाइनेंस, रिलायंस फाइनेंस सहित अन्य कंपनियों और विभिन्न प्रकार के लोन के नाम पर लोगों को ऑनलाइन लोन दिलाने का झांसा देते थे। इसके लिए कस्टमर डाटा और फेसबुक से मोबाइल नंबर प्राप्त कर लोगों को फोन किया जाता था।
ग्राहकों का विश्वास जीतने के लिए कभी खुद को बैंक मैनेजर तो कभी कंपनी का अन्य कर्मचारी बताकर बातचीत करते थे। ग्राहक इनके झांसे में आने के बाद आरोपी आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पासबुक की फोटो कॉपी, पासपोर्ट साइज फोटो और ई-मेल आईडी जैसी व्यक्तिगत जानकारियां मांगते थे। इसके बाद लोन की प्रक्रिया पूरी करने के नाम पर प्रोसेसिंग फीस की मांग कर साइबर ठगी की जाती थी।
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपियों ने कई लोगों के साथ इसी तरीके से ठगी करने की बात स्वीकार की है।
मामले को लेकर वारिसलीगंज थाना में कांड संख्या 659/26, दिनांक 12.09.2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता एवं आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।
बरामदगी
- 03 एंड्रॉयड मोबाइल फोन
- 9,770 रुपये नकद
छापेमारी टीम में पुलिस निरीक्षक सह थानाध्यक्ष पंकज कुमार सैनी तथा परिवीक्षाधीन पुलिस अवर निरीक्षक मनोज कुमार राय, वारिसलीगंज थाना शामिल रहे।
ऑनलाइन लोन के नाम पर साइबर ठगी करने वाले दो अपराधी गिरफ्तार
बाघी और चकवाय में छापेमारी, तीन एंड्रॉयड मोबाइल व 9,770 रुपये नकद बराम
नवादा ऑनलाइन लोन दिलाने का झांसा देकर लोगों से साइबर ठगी करने वाले गिरोह के खिलाफ वारिसलीगंज पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके पास से तीन एंड्रॉयड मोबाइल फोन तथा साइबर ठगी से संबंधित 9,770 रुपये नकद बरामद किए हैं।
पुलिस के अनुसार, 12 सितंबर 2026 को साइबर अपराधियों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए नवादा पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर वारिसलीगंज थानाध्यक्ष सह पुलिस निरीक्षक पंकज कुमार सैनी के नेतृत्व में टीम गठित की गई। टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर वारिसलीगंज थाना क्षेत्र के बाघी और चकवाय गांव के समीप अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की।
पहली कार्रवाई बाघी गांव में की गई, जहां से एक साइबर अपराधी को दो एंड्रॉयड मोबाइल के साथ पकड़ा गया। वहीं दूसरी कार्रवाई चकवाय गांव के पास करते हुए एक अन्य साइबर अपराधी को एक एंड्रॉयड मोबाइल और साइबर ठगी की नकदी के साथ गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रूपांशू कुमार (24 वर्ष), पिता स्व. मुन्द्रिका प्रसाद, ग्राम मीरबिगहा (चकवाय), थाना वारिसलीगंज तथा राजेश कुमार (21 वर्ष), पिता स्व. दुखन मालाकार, ग्राम चकवाय, थाना वारिसलीगंज के रूप में हुई है।
ऐसे बनाते थे लोगों को शिकार*
पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे बजाज फाइनेंस, रिलायंस फाइनेंस सहित अन्य कंपनियों और विभिन्न प्रकार के लोन के नाम पर लोगों को ऑनलाइन लोन दिलाने का झांसा देते थे। इसके लिए कस्टमर डाटा और फेसबुक से मोबाइल नंबर प्राप्त कर लोगों को फोन किया जाता था।
ग्राहकों का विश्वास जीतने के लिए कभी खुद को बैंक मैनेजर तो कभी कंपनी का अन्य कर्मचारी बताकर बातचीत करते थे। ग्राहक इनके झांसे में आने के बाद आरोपी आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पासबुक की फोटो कॉपी, पासपोर्ट साइज फोटो और ई-मेल आईडी जैसी व्यक्तिगत जानकारियां मांगते थे। इसके बाद लोन की प्रक्रिया पूरी करने के नाम पर प्रोसेसिंग फीस की मांग कर साइबर ठगी की जाती थी।
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपियों ने कई लोगों के साथ इसी तरीके से ठगी करने की बात स्वीकार की है।
मामले को लेकर वारिसलीगंज थाना में कांड संख्या 659/26, दिनांक 12.09.2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता एवं आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।
बरामदगी
- 03 एंड्रॉयड मोबाइल फोन
- 9,770 रुपये नकद
छापेमारी टीम में पुलिस निरीक्षक सह थानाध्यक्ष पंकज कुमार सैनी तथा परिवीक्षाधीन पुलिस अवर निरीक्षक मनोज कुमार राय, वारिसलीगंज थाना शामिल रहे।