📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / GeoEvan (www.polgeonow.com)
कृषि
मिज़ोरम में सूखे नट के कीट समस्या पर वैज्ञानिक उपाय
✍️ India Today NE
🗓 09 अक्टू. 2026, 08:31 PM
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मिज़ोरम सरकार अपने सुपारी बागों में बढ़ते कीट संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए वैज्ञानिक उपायों की जांच कर रही है।
मिज़ोरम में सुपारी के बागों में कीटों की संख्या में तेज़ी से बढ़ोतरी देखी जा रही है, जिससे फसल को नुकसान और उत्पादन में गिरावट आ रही है। यह नकदी फसल कई छोटे किसान परिवारों की आय का मुख्य स्रोत है, और इसकी कमी से स्थानीय बाजार पर असर पड़ सकता है।
इस समस्या के समाधान के रूप में मिज़ोरम कृषि विभाग ने वैज्ञानिक उपायों की खोज शुरू कर दी है। विभाग ने एकीकृत कीट प्रबंधन (आईपीएम) और जैविक नियंत्रण तकनीकों पर ध्यान केंद्रित किया है, और कृषि अनुसंधान संस्थानों तथा कीट विशेषज्ञों से सलाह ले रहा है।
आगे के मौसम में फ़ील्ड ट्रायल शुरू किए जाएंगे, जिसमें फेरोमोन ट्रैप, प्राकृतिक शत्रु और बायो‑पेस्टिसाइड जैसी विधियों को आज़माया जाएगा। लक्ष्य किसानों को रासायनिक उपयोग कम करते हुए प्रभावी समाधान प्रदान करना है।
यदि ये उपाय सफल होते हैं, तो मिज़ोरम में सुपारी की पैदावार स्थिर हो सकती है और यह मॉडल पड़ोसी राज्यों के समान कृषि‑कीट समस्याओं के लिए भी उपयोगी साबित हो सकता है।
इस समस्या के समाधान के रूप में मिज़ोरम कृषि विभाग ने वैज्ञानिक उपायों की खोज शुरू कर दी है। विभाग ने एकीकृत कीट प्रबंधन (आईपीएम) और जैविक नियंत्रण तकनीकों पर ध्यान केंद्रित किया है, और कृषि अनुसंधान संस्थानों तथा कीट विशेषज्ञों से सलाह ले रहा है।
आगे के मौसम में फ़ील्ड ट्रायल शुरू किए जाएंगे, जिसमें फेरोमोन ट्रैप, प्राकृतिक शत्रु और बायो‑पेस्टिसाइड जैसी विधियों को आज़माया जाएगा। लक्ष्य किसानों को रासायनिक उपयोग कम करते हुए प्रभावी समाधान प्रदान करना है।
यदि ये उपाय सफल होते हैं, तो मिज़ोरम में सुपारी की पैदावार स्थिर हो सकती है और यह मॉडल पड़ोसी राज्यों के समान कृषि‑कीट समस्याओं के लिए भी उपयोगी साबित हो सकता है।