📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Gyanendra_Singh_Chau…
अपराध
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने हत्या के मामले में आजीवन सजा रद्द, सबूतों की कमी को कारण बताया
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 29 अग. 2026, 08:17 PM
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मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने हत्या के आरोपी को दोषमुक्त कर आजीवन सजा रद्द कर दी, क्योंकि केवल मोबाइल CDR पर्याप्त सबूत नहीं माना गया।
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने हत्या के मामले में दी गई आजीवन कारावास की सजा को रद्द कर आरोपी को दोषमुक्त कर दिया। कोर्ट ने कहा कि अभियोजन पक्ष ने पर्याप्त साक्ष्य नहीं प्रस्तुत किए हैं जिससे दोषसिद्धि संभव नहीं हो पाई।
न्यायालय ने यह रुख अपनाया क्योंकि अभियोजन ने केवल मोबाइल कॉल डेटा रिकॉर्ड (CDR) को ही मुख्य सबूत के रूप में पेश किया था। पुलिस ने टावर लोकेशन डेटा, सीसीटीवी फुटेज या अन्य सहायक साक्ष्य प्रस्तुत करने में असफल रही, जिससे आरोप की पुष्टि नहीं हो सकी।
एकल इलेक्ट्रॉनिक सबूत को पर्याप्त न मानते हुए यह फैसला न्यायिक प्रक्रिया में व्यापक और ठोस साक्ष्य की आवश्यकता को दोहराता है, विशेषकर गंभीर दंड जैसे आजीवन कारावास के मामलों में।
न्यायालय ने यह रुख अपनाया क्योंकि अभियोजन ने केवल मोबाइल कॉल डेटा रिकॉर्ड (CDR) को ही मुख्य सबूत के रूप में पेश किया था। पुलिस ने टावर लोकेशन डेटा, सीसीटीवी फुटेज या अन्य सहायक साक्ष्य प्रस्तुत करने में असफल रही, जिससे आरोप की पुष्टि नहीं हो सकी।
एकल इलेक्ट्रॉनिक सबूत को पर्याप्त न मानते हुए यह फैसला न्यायिक प्रक्रिया में व्यापक और ठोस साक्ष्य की आवश्यकता को दोहराता है, विशेषकर गंभीर दंड जैसे आजीवन कारावास के मामलों में।