📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / TNSE Mahalingam VNR
मौसम
ईस्ट मध्य प्रदेश में भारी बारिश के लिए IMD ने नारंगी चेतावनी जारी की
✍️ News On AIR
🗓 20 सित. 2026, 08:01 AM
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भारत मौसम विभाग ने ईस्ट मध्य प्रदेश में बहुत भारी बारिश के लिए नारंगी चेतावनी जारी की है, जिससे तीव्र वर्षा का जोखिम बढ़ गया है।
भारत मौसम विभाग (IMD) ने ईस्ट मध्य प्रदेश में बहुत भारी बारिश के लिए नारंगी चेतावनी जारी की है, जो अत्यधिक वर्षा की संभावना को दर्शाती है। नारंगी स्तर IMD के अलर्ट सिस्टम में दूसरा सबसे उच्च स्तर है और यह जनता तथा अधिकारियों से सतर्क रहने की अपील करता है। प्रभावित जिलों के निवासियों को मौसम अपडेट पर नजर रखने और जीवन‑संपत्ति की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की सलाह दी गई है। स्थानीय आपदा प्रबंधन एजेंसियों को संभावित बाढ़ और जलभराव से निपटने के लिए तत्पर रहने का निर्देश दिया गया है।
यह चेतावनी ईस्ट मध्य प्रदेश के कई जिलों को कवर करती है, जहाँ तीव्र बारिश के दौरान फ्लैश बाढ़ और जलजमाव की संभावना अधिक रहती है। जबकि बारिश के सटीक समय का उल्लेख नहीं किया गया, नारंगी अलर्ट संकेत देता है कि परिस्थितियाँ जल्दी बिगड़ सकती हैं, इसलिए आपातकालीन योजनाओं को सक्रिय किया जाएगा। नागरिकों से अनावश्यक यात्रा से बचने, ढीले सामान को सुरक्षित रखने और आपातकालीन किट तैयार रखने का अनुरोध किया गया है।
राज्य और जिला स्तर पर अधिकारियों को यह चेतावनी स्थानीय मीडिया, मोबाइल अलर्ट और सामुदायिक नेटवर्क के माध्यम से प्रसारित करने का निर्देश मिला है। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) के साथ समन्वय से राहत कार्यों की तैयारी की जाएगी। IMD मौसम प्रणाली की निरंतर निगरानी करेगा और स्थिति के अनुसार अलर्ट को ऊपर या नीचे कर सकता है।
यह चेतावनी ईस्ट मध्य प्रदेश के कई जिलों को कवर करती है, जहाँ तीव्र बारिश के दौरान फ्लैश बाढ़ और जलजमाव की संभावना अधिक रहती है। जबकि बारिश के सटीक समय का उल्लेख नहीं किया गया, नारंगी अलर्ट संकेत देता है कि परिस्थितियाँ जल्दी बिगड़ सकती हैं, इसलिए आपातकालीन योजनाओं को सक्रिय किया जाएगा। नागरिकों से अनावश्यक यात्रा से बचने, ढीले सामान को सुरक्षित रखने और आपातकालीन किट तैयार रखने का अनुरोध किया गया है।
राज्य और जिला स्तर पर अधिकारियों को यह चेतावनी स्थानीय मीडिया, मोबाइल अलर्ट और सामुदायिक नेटवर्क के माध्यम से प्रसारित करने का निर्देश मिला है। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) के साथ समन्वय से राहत कार्यों की तैयारी की जाएगी। IMD मौसम प्रणाली की निरंतर निगरानी करेगा और स्थिति के अनुसार अलर्ट को ऊपर या नीचे कर सकता है।