📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Itzashwini
मौसम
नेपाल की बाढ़ का पानी बिहार में पहुंचा, स्वास्थ्य खतरे बढ़े
✍️ ndtv.com
🗓 03 सित. 2026, 01:33 AM
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नेपाल में भारी बारिश से बाढ़ का पानी बिहार में बहा, स्वास्थ्य अधिकारियों ने रोग जोखिम बढ़ने की चेतावनी दी।
नेपाल में भारी मानसून की बारिश से नदियों का जल स्तर बढ़ गया, जिससे बहते पानी ने सीमा पार कर बिहार के कई निचले इलाकों को भर दिया। बाढ़ ने गाँव‑गाँव में घरों को डुबो दिया और बुनियादी सुविधाओं को नुकसान पहुंचाया।
बिहार के स्वास्थ्य विभाग ने चेतावनी जारी की है कि बाढ़ का पानी पीने के स्रोतों को दूषित कर रहा है और जलजनित रोगों के प्रसार का कारण बन रहा है। अधिकारियों ने असुरक्षित पानी से बचने की सलाह दी है और प्रभावित क्षेत्रों में मौखिक रिहाइड्रेशन सॉल्ट व कीटाणुनाशक वितरित किए जा रहे हैं।
राज्य आपदा प्रबंधन टीम नेपाल के समकक्षों के साथ मिलकर जल स्तर की निगरानी कर रही है और राहत कार्यों का समन्वय कर रही है। तत्काल बचाव कार्यों के बाद अब मुख्य चिंता रोगों जैसे दस्त, हैजा और लेप्टोस्पायरोसिस के संभावित प्रकोप की है, जो बाढ़ के घटने के बाद उभर सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर चिकित्सा सहायता और जन जागरूकता से द्वितीयक स्वास्थ्य संकट को रोका जा सकता है। स्थिति अभी भी बदल रही है, और अधिकारियों द्वारा क्षति का आकलन तथा विस्थापित लोगों की जरूरतों को पूरा करने के उपाय किए जा रहे हैं।
बिहार के स्वास्थ्य विभाग ने चेतावनी जारी की है कि बाढ़ का पानी पीने के स्रोतों को दूषित कर रहा है और जलजनित रोगों के प्रसार का कारण बन रहा है। अधिकारियों ने असुरक्षित पानी से बचने की सलाह दी है और प्रभावित क्षेत्रों में मौखिक रिहाइड्रेशन सॉल्ट व कीटाणुनाशक वितरित किए जा रहे हैं।
राज्य आपदा प्रबंधन टीम नेपाल के समकक्षों के साथ मिलकर जल स्तर की निगरानी कर रही है और राहत कार्यों का समन्वय कर रही है। तत्काल बचाव कार्यों के बाद अब मुख्य चिंता रोगों जैसे दस्त, हैजा और लेप्टोस्पायरोसिस के संभावित प्रकोप की है, जो बाढ़ के घटने के बाद उभर सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर चिकित्सा सहायता और जन जागरूकता से द्वितीयक स्वास्थ्य संकट को रोका जा सकता है। स्थिति अभी भी बदल रही है, और अधिकारियों द्वारा क्षति का आकलन तथा विस्थापित लोगों की जरूरतों को पूरा करने के उपाय किए जा रहे हैं।