📷 चित्र स्रोत: Indian Express (via NewsData)
अपराध
2019 पुलवामा हमले में संलिप्त महिला को बेंच से बायल नहीं मिला
✍️ Indian Express
🗓 23 अग. 2026, 12:39 PM
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स्रीनगर के कोर्ट ने 2019 पुलवामा हमले में शामिल एक महिला की बायल याचिका को खारिज कर दिया।
स्रीनगर के सत्र कोर्ट ने 2019 के पुलवामा आतंकवादी हमले में शामिल एक महिला की बायल याचिका को अस्वीकार कर दिया। इस हमले में 40 सीआरपीएफ कर्मियों की मौत हुई थी।
जिला न्यायाधीश ने इस निर्णय के पीछे अपराध की गंभीरता, चल रहे जांच और साक्ष्य में छेड़छाड़ की संभावना को बताया। साथ ही इस मामले को एंटी‑टेररिज़्म अधिनियम के तहत चलाया जा रहा है, जिसके कारण बायल के मानदंड कड़े होते हैं।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि आतंकवाद से जुड़े मामलों में न्यायालय सुरक्षा कारणों को व्यक्तिगत स्वतंत्रता से अधिक महत्व देता है। आगे की सुनवाई अगले हफ्तों में निर्धारित है।
पुलवामा हमला, जो पाकिस्तान-आधारित एक मिलिशिया समूह द्वारा किया गया था, भारत के इतिहास में सबसे घातक आतंकवादी हमलों में से एक बना हुआ है, जिसके बाद देश भर में सुरक्षा और कानूनी कार्रवाई तेज़ी से चल रही है।
जिला न्यायाधीश ने इस निर्णय के पीछे अपराध की गंभीरता, चल रहे जांच और साक्ष्य में छेड़छाड़ की संभावना को बताया। साथ ही इस मामले को एंटी‑टेररिज़्म अधिनियम के तहत चलाया जा रहा है, जिसके कारण बायल के मानदंड कड़े होते हैं।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि आतंकवाद से जुड़े मामलों में न्यायालय सुरक्षा कारणों को व्यक्तिगत स्वतंत्रता से अधिक महत्व देता है। आगे की सुनवाई अगले हफ्तों में निर्धारित है।
पुलवामा हमला, जो पाकिस्तान-आधारित एक मिलिशिया समूह द्वारा किया गया था, भारत के इतिहास में सबसे घातक आतंकवादी हमलों में से एक बना हुआ है, जिसके बाद देश भर में सुरक्षा और कानूनी कार्रवाई तेज़ी से चल रही है।