📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Anchal lilhare
धर्म
उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में अजा एकादशी पर बाबा महाकाल को भांग, चांदी का मुकुट व मुंड माला से सजा गया
✍️ Amar Ujala · Ujjain
🗓 07 सित. 2026, 08:24 AM
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अजा एकादशी के अवसर पर उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर में बाबा महाकाल की मूर्ति को पंचामृत अभिषेक के बाद भांग, चांदी का मुकुट, त्रिशूल, रुद्राक्ष की माला और मुंड माला से विशेष श्रृंगार किया गया।
उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर में अजा एकादशी के अवसर पर बाबा महाकाल की विशेष पूजा आयोजित की गई। पुजारी ने पारम्परिक पंचामृत अभिषेक किया, जिसमें दूध, दही, शहद, घी और शक्कर का मिश्रण मूर्ति पर डाला गया।
अभिषेक के बाद, मूर्ति को भांग से सजा कर चांदी का मुकुट, त्रिशूल और रुद्राक्ष की माला से श्रृंगारित किया गया। साथ ही मुंड (गेंदे) की माला को गर्दन में पहनाया गया, जिससे देवता का रूप अत्यंत भव्य दिखा।
महाकाल मंदिर के प्रबंधकों ने बताया कि अजा एकादशी पर इस प्रकार का श्रृंगार परम्परा के अनुसार किया जाता है, क्योंकि यह दिन भगवान शिव से विशेष रूप से जुड़ा माना जाता है। इस अवसर पर सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित होकर स्वास्थ्य और समृद्धि की कामना में प्रार्थना कर रहे थे।
यह आयोजन मध्य प्रदेश में मंदिर की सांस्कृतिक महत्ता को रेखांकित करता है, जहाँ पारम्परिक अनुष्ठान और सजावट के माध्यम से स्थानीय व दूरस्थ दोनों प्रकार के भक्त आकर्षित होते हैं।
अभिषेक के बाद, मूर्ति को भांग से सजा कर चांदी का मुकुट, त्रिशूल और रुद्राक्ष की माला से श्रृंगारित किया गया। साथ ही मुंड (गेंदे) की माला को गर्दन में पहनाया गया, जिससे देवता का रूप अत्यंत भव्य दिखा।
महाकाल मंदिर के प्रबंधकों ने बताया कि अजा एकादशी पर इस प्रकार का श्रृंगार परम्परा के अनुसार किया जाता है, क्योंकि यह दिन भगवान शिव से विशेष रूप से जुड़ा माना जाता है। इस अवसर पर सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित होकर स्वास्थ्य और समृद्धि की कामना में प्रार्थना कर रहे थे।
यह आयोजन मध्य प्रदेश में मंदिर की सांस्कृतिक महत्ता को रेखांकित करता है, जहाँ पारम्परिक अनुष्ठान और सजावट के माध्यम से स्थानीय व दूरस्थ दोनों प्रकार के भक्त आकर्षित होते हैं।