📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Vice President's Secretariat
शिक्षा
अंध्र प्रदेश हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने महिलाओं को बाधाओं को तोड़ने का संदेश दिया
✍️ The New Indian Express
🗓 23 अग. 2026, 03:18 PM
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अंध्र प्रदेश हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि महिलाओं को सामाजिक या संस्थागत बाधाओं को अपने सपनों से रोकने नहीं देना चाहिए, आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प की अपील की।
अंध्र प्रदेश हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने महिलाओं के सामने मौजूद लैंगिक बाधाओं पर प्रकाश डाला और उन्हें अपने सपनों में कोई सीमा नहीं रखने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सामाजिक अपेक्षाएँ और संस्थागत प्रतिबंध अक्सर महिलाओं को अपने लक्ष्य हासिल करने से रोकते हैं, और इस सोच में बदलाव की आवश्यकता है।
न्यायाधीश ने आत्म‑विश्वास और दृढ़ता के महत्व पर बल दिया, यह कहा कि महिलाओं की प्रगति पूरे समाज को लाभ पहुंचाती है। उन्होंने नीति निर्माताओं, शिक्षकों और नियोक्ताओं से अपील की कि वे ऐसा माहौल बनाएं जहाँ महिलाएँ बिना किसी भेदभाव के फल‑फूल सकें।
यह बयान भारत में लैंगिक समानता और सशक्तिकरण के बढ़ते संवाद को दर्शाता है, जो महिलाओं की शिक्षा, रोजगार और सार्वजनिक जीवन में भागीदारी को बढ़ाने के लिए चल रही पहलों के साथ मेल खाता है।
न्यायाधीश ने आत्म‑विश्वास और दृढ़ता के महत्व पर बल दिया, यह कहा कि महिलाओं की प्रगति पूरे समाज को लाभ पहुंचाती है। उन्होंने नीति निर्माताओं, शिक्षकों और नियोक्ताओं से अपील की कि वे ऐसा माहौल बनाएं जहाँ महिलाएँ बिना किसी भेदभाव के फल‑फूल सकें।
यह बयान भारत में लैंगिक समानता और सशक्तिकरण के बढ़ते संवाद को दर्शाता है, जो महिलाओं की शिक्षा, रोजगार और सार्वजनिक जीवन में भागीदारी को बढ़ाने के लिए चल रही पहलों के साथ मेल खाता है।