📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Bollywood Hungama
मनोरंजन
यश‑गीता मोहनदास की ‘टॉक्सिक’ पर आलोचना: अपराध को सराहती दिखी फिल्म
✍️ The Indian Express
🗓 31 अग. 2026, 02:48 AM
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यश और गीता मोहनदास की क्राइम थ्रिलर ‘टॉक्सिक’ को उस अपराध को बढ़ावा देने के आरोपों का सामना करना पड़ रहा है, जिसे फिल्म ने निंदा करने का दावा किया था।
यश और अनुभवी फिल्मनिर्माता गीता मोहनदास द्वारा लिखित‑निर्देशित भारतीय अपराध ड्रामा ‘टॉक्सिक’ ने रिलीज़ के बाद मिश्रित प्रतिक्रियाएँ प्राप्त की हैं। फिल्म को प्रणालीगत भ्रष्टाचार की कड़ी आलोचना के रूप में पेश किया गया था, पर कई समीक्षकों का मानना है कि कहानी वही अपराधों को रोमांटिक बना देती है, जिन्हें वह निंदा करना चाहती है।
इंडियन एक्सप्रेस की समीक्षाओं में फिल्म को “वह राक्षस” कहा गया है, जिसे वह नष्ट करने का इरादा रखती थी, क्योंकि कुछ दृश्यों में अवैध लेन‑देन को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया गया है, न कि कड़ी निंदा के रूप में। समीक्षक यह भी बताते हैं कि शैलीबद्ध हिंसा और करिश्माई एंटी‑हीरो दर्शकों को अंडरवर्ल्ड के प्रति आकर्षित कर सकते हैं, जिससे आलोचना और प्रशंसा के बीच की सीमा धुंधली हो जाती है।
पहले सप्ताहांत में बॉक्स‑ऑफ़ आंकड़े मामूली रहे हैं, जिससे यह संकेत मिलता है कि इस विवाद ने दर्शकों की रुचि को सीमित किया हो सकता है। उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि सामाजिक रूप से संवेदनशील मुद्दों को उठाते समय फिल्म निर्माताओं को मनोरंजन और नैतिक संदेश के बीच संतुलन बनाना आवश्यक है।
इंडियन एक्सप्रेस की समीक्षाओं में फिल्म को “वह राक्षस” कहा गया है, जिसे वह नष्ट करने का इरादा रखती थी, क्योंकि कुछ दृश्यों में अवैध लेन‑देन को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया गया है, न कि कड़ी निंदा के रूप में। समीक्षक यह भी बताते हैं कि शैलीबद्ध हिंसा और करिश्माई एंटी‑हीरो दर्शकों को अंडरवर्ल्ड के प्रति आकर्षित कर सकते हैं, जिससे आलोचना और प्रशंसा के बीच की सीमा धुंधली हो जाती है।
पहले सप्ताहांत में बॉक्स‑ऑफ़ आंकड़े मामूली रहे हैं, जिससे यह संकेत मिलता है कि इस विवाद ने दर्शकों की रुचि को सीमित किया हो सकता है। उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि सामाजिक रूप से संवेदनशील मुद्दों को उठाते समय फिल्म निर्माताओं को मनोरंजन और नैतिक संदेश के बीच संतुलन बनाना आवश्यक है।