वार्ड सभा के माध्यम से ग्रामीण खुद बना रहे हैं अपने गांव के विकास की योजना
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वार्ड सभाओं क़े माध्यम से ग्रामीण खुद बना रहें अपने गांव क़े विकास योजना देसूला गांव में सामुदायिक समस्याओं क़े समाधान क़े लिए ग्रामीण स्वयं ही प्रयास करने लगे हैं, ग्रामीणों का कहना हैं की पहले हम सोचते थे की सभी काम पंचायत की जिम्मेदारी होती हैं कराने की लेकिन इब्तिदा संस्था की जागरूकता से समझ आया की पंचायतीराज क़ानून में वार्ड पंच का रोल वार्ड क़े मुखिया का होता हैं,इब्तिदा संस्था से फैडरेशन सपोर्ट कोऑर्डिनेटर बर्फीना ने बताया की संस्था जनप्रतिनिधियों व ग्रामीण महिलाओ क़े साथ मिलकर पंचायतीराज क़ानून की जागरूकता को लेकर कार्य क़र रही हैं, जिसमे वार्ड सभा, ग्राम सभा, जीपीडीपी की ग्राम सभा, की जिम्मेदारी व इनमे होने वाले कार्य तथा कोरम पूर्ति एवं होने वाले कार्यों, इन सभी में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने को लेकर जागरूकता बढ़ाने का कार्य किया जा रहा हैं साथ ही संविधान के मौलिक मौलिक अधिकार पर जानकारी दी, संघर्ष महिला मंच की फील्ड कोऑर्डिनेटर कविता ने बताया कि आज दिनांक 14 सितम्बर 2026 को गाँव देसूला में वार्ड सभा का आयोजन जनप्रतिनिधियों क़े सहयोग से करवाया गया, सभा में सामुदायिक मुद्दों पर प्रस्ताव तैयार कराये गए, जैसे पीने क़े पानी की सुविधा करवाना नालियों का निर्माण करवाना, सड़क बनवाना, स्कूल में पानी भराव की समस्या,आदि,इन सभी प्रस्तावों को 2 अक्टूबर को होने वाली ग्राम सभाओ में जमा करा क़र पास करवाने का प्लान किया गया, जिससे GPDP (ग्राम पंचायत विकास योजना) में जुड़वाया जा सकते है,
इस अवसर , स्कूल प्रिंसिपल मेडम संगीता,बबीता, अधिकार सखी विमला, सोहबती, चंद्रा, भारती, तोता, गुड्डी, सुमन, ऊषा, गीता, मुकेस , नीलू, सतीश ,स्कूल के बच्चे आदि उपस्थित रहे हैं।
इस अवसर , स्कूल प्रिंसिपल मेडम संगीता,बबीता, अधिकार सखी विमला, सोहबती, चंद्रा, भारती, तोता, गुड्डी, सुमन, ऊषा, गीता, मुकेस , नीलू, सतीश ,स्कूल के बच्चे आदि उपस्थित रहे हैं।