📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Prime Minister's Office
शिक्षा
उत्तराखंड ने मेडिकल कॉलेज प्रवेश में नकली प्रमाणपत्रों की जाँच का आदेश जारी
✍️ India Today
🗓 20 सित. 2026, 06:04 AM
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उत्तराखंड सरकार ने राज्य के मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए नकली प्रमाणपत्रों के उपयोग के आरोपों की जांच का आदेश दिया है।
उत्तarakंध की राज्य सरकार ने अपने मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए प्रस्तुत किए गए नकली प्रमाणपत्रों की जांच शुरू करने का निर्णय घोषित किया। मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी इस आदेश में प्रवेश रिकॉर्ड और संबंधित दस्तावेज़ों की विस्तृत जाँच का निर्देश दिया गया है।
अधिकारियों का कहना है कि कुछ अभ्यर्थियों ने एमबीबीएस कार्यक्रमों में सीटें प्राप्त करने के लिए झूठे शैक्षणिक और पात्रता प्रमाणपत्र प्रस्तुत किए, इस बात की शिकायतें सामने आई थीं। उन्होंने कहा कि मेरिट‑आधारित चयन प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनाए रखना अत्यावश्यक है।
स्वास्थ्य विभाग, राज्य शिक्षा बोर्ड और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों से मिलकर एक विशेष समिति गठित की जाएगी, जो इस जांच को अंजाम देगी। समिति को निर्धारित समय सीमा के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने और धोखाधड़ी वाले प्रवेश को रद्द करने सहित सुधारात्मक कदम सुझाने का आदेश दिया गया है।
इस जांच के परिणामस्वरूप वर्तमान में दाखिला लिये कई छात्रों को प्रभावित किया जा सकता है, और सरकार ने कहा है कि धोखाधड़ी सिद्ध होने पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों का कहना है कि कुछ अभ्यर्थियों ने एमबीबीएस कार्यक्रमों में सीटें प्राप्त करने के लिए झूठे शैक्षणिक और पात्रता प्रमाणपत्र प्रस्तुत किए, इस बात की शिकायतें सामने आई थीं। उन्होंने कहा कि मेरिट‑आधारित चयन प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनाए रखना अत्यावश्यक है।
स्वास्थ्य विभाग, राज्य शिक्षा बोर्ड और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों से मिलकर एक विशेष समिति गठित की जाएगी, जो इस जांच को अंजाम देगी। समिति को निर्धारित समय सीमा के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने और धोखाधड़ी वाले प्रवेश को रद्द करने सहित सुधारात्मक कदम सुझाने का आदेश दिया गया है।
इस जांच के परिणामस्वरूप वर्तमान में दाखिला लिये कई छात्रों को प्रभावित किया जा सकता है, और सरकार ने कहा है कि धोखाधड़ी सिद्ध होने पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।