📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / U.S. Department of the Interior
बिज़नेस
यू.एस. टैरिफ कट के बावजूद भारतीय वस्त्र निर्यातकों को प्रतिस्पर्धा में नुकसान, प्रतिस्पर्धियों को कोटा छूट
✍️ BusinessLine
🗓 28 जुल. 2026, 04:37 AM
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एक बिज़नेसलाइन रिपोर्ट के अनुसार, यू.एस. ने भारतीय वस्त्रों पर टैरिफ कम किया है, पर प्रतिस्पर्धियों को कोटा छूट मिलने से भारतीय निर्यातकों को प्रतिस्पर्धा में नुकसान हो सकता है।
संयुक्त राज्य अमेरिका ने हाल ही में भारतीय वस्त्रों पर लागू टैरिफ को कम किया है, जिससे देश की निर्यात प्रतिस्पर्धा बढ़ने की उम्मीद थी। परंतु बिज़नेसलाइन के विश्लेषण में बताया गया है कि यह लाभ प्रतिस्पर्धी देशों को मिली कोटा छूट के कारण कम हो सकता है, जिससे वे यू.एस. बाजार में अधिक स्वतंत्रता से निर्यात कर सकते हैं।
टैरिफ कट ने भारतीय वस्त्रों की लागत कम की है, परंतु कोटा प्रणाली द्वारा पैदा हुई संरचनात्मक असुविधा को समाप्त नहीं किया है। भारतीय निर्यातकों को अब दोहरी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है: कोटा राहत वाले देशों के कम दाम वाले उत्पादों के साथ प्रतिस्पर्धा और अपने स्वयं के सामान की उच्च लागत से निपटना।
उद्योग विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि जब तक भारत समान छूटों पर बातचीत नहीं करता या उत्पादन लागत घटाने के उपाय नहीं अपनाता, तब तक टैरिफ कट अकेले पर्याप्त बाज़ार हिस्सेदारी नहीं दिला पाएगा। रिपोर्ट ने प्रतिस्पर्धात्मकता बनाए रखने के लिए व्यापार रणनीतियों के पुनर्मूल्यांकन का आह्वान किया है।
टैरिफ कट ने भारतीय वस्त्रों की लागत कम की है, परंतु कोटा प्रणाली द्वारा पैदा हुई संरचनात्मक असुविधा को समाप्त नहीं किया है। भारतीय निर्यातकों को अब दोहरी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है: कोटा राहत वाले देशों के कम दाम वाले उत्पादों के साथ प्रतिस्पर्धा और अपने स्वयं के सामान की उच्च लागत से निपटना।
उद्योग विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि जब तक भारत समान छूटों पर बातचीत नहीं करता या उत्पादन लागत घटाने के उपाय नहीं अपनाता, तब तक टैरिफ कट अकेले पर्याप्त बाज़ार हिस्सेदारी नहीं दिला पाएगा। रिपोर्ट ने प्रतिस्पर्धात्मकता बनाए रखने के लिए व्यापार रणनीतियों के पुनर्मूल्यांकन का आह्वान किया है।