📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / United States Senate
बिज़नेस
यू.एस. सीनेट का रूस पर प्रतिबंध वोट भारत की कच्चे तेल आपूर्ति को खतरे में डाल सकता है
✍️ Business Standard
🗓 09 अग. 2026, 04:49 PM
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यू.एस. सीनेट में रूस पर नए प्रतिबंधों पर वोट से वैश्विक तेल प्रवाह पर असर पड़ सकता है, जिससे भारत की कच्चे तेल आयात पर खतरा बढ़ रहा है।
यू.एस. सीनेट रूस के तेल क्षेत्र को लक्षित करने वाले प्रतिबंध पैकेज पर वोट देने के लिए तैयार है, जिससे देश की वैश्विक बाजारों में तेल निर्यात क्षमता पर और प्रतिबंध लग सकता है।
विश्लेषकों का कहना है कि कड़े प्रतिबंधों से वैश्विक बाजार में रूसी तेल की उपलब्धता कम हो सकती है, जिससे कीमतें बढ़ सकती हैं और खरीदार वैकल्पिक आपूर्तिकर्ताओं की तलाश कर सकते हैं।
भारत, जो अपनी कच्चे तेल का एक बड़ा हिस्सा रूस से आयात करता है, ने किसी भी व्यवधान के बारे में चिंता जताई है, क्योंकि इससे उसकी आपूर्ति श्रृंखला पर असर पड़ सकता है और refining संचालन प्रभावित हो सकते हैं।
सरकार ने तेल मंत्रालय से स्थिति पर कड़ी निगरानी रखने और जोखिम कम करने के लिए आयात स्रोतों में विविधता लाने का आग्रह किया है।
विश्लेषकों का कहना है कि कड़े प्रतिबंधों से वैश्विक बाजार में रूसी तेल की उपलब्धता कम हो सकती है, जिससे कीमतें बढ़ सकती हैं और खरीदार वैकल्पिक आपूर्तिकर्ताओं की तलाश कर सकते हैं।
भारत, जो अपनी कच्चे तेल का एक बड़ा हिस्सा रूस से आयात करता है, ने किसी भी व्यवधान के बारे में चिंता जताई है, क्योंकि इससे उसकी आपूर्ति श्रृंखला पर असर पड़ सकता है और refining संचालन प्रभावित हो सकते हैं।
सरकार ने तेल मंत्रालय से स्थिति पर कड़ी निगरानी रखने और जोखिम कम करने के लिए आयात स्रोतों में विविधता लाने का आग्रह किया है।