📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Prime Minister's Office
राजनीति
रतन लाल नाथ: विभाजन ने लाखों जीवन बदले, सिर्फ भूगोलिक नहीं
✍️ India Today NE
🗓 15 अग. 2026, 05:33 AM
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रतन लाल नाथ ने बताया कि 1947 का विभाजन सिर्फ भूगोलिक नहीं था, बल्कि लाखों लोगों के जीवन को बदलने वाली एक गहरी घटना थी।
हाल ही में एक संबोधन में, त्रिपुरा के संस्कृति और पर्यटन राज्य मंत्री रतन लाल नाथ ने 1947 के विभाजन के गहरे मानवीय प्रभाव पर प्रकाश डाला। राज्य में एक स्मारक कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने बताया कि ब्रिटिश भारत का भारत और पाकिस्तान में विभाजन सिर्फ सीमाओं का परिवर्तन नहीं था; इसने परिवारों को जड़ से उखाड़ा, आजीविका को बाधित किया और विस्थापन और हानि की एक स्थायी विरासत छोड़ दी।
नाथ ने जोर दिया कि लाखों लोगों को विस्थापित किया गया, जिनकी समुदायों को पारंपरिक घरों को छोड़कर अपरिचित क्षेत्रों में अपनी ज़िंदगी फिर से बनानी पड़ी। उन्होंने यह भी कहा कि विभाजन के भावनात्मक और आर्थिक घाव आज भी क्षेत्र की सामाजिक और राजनीतिक गतिशीलता को प्रभावित करते हैं।
मंत्री ने विभाजन के सबक को न भूलने के लिए निरंतर संवाद और स्मरणोत्सव की अपील की। उन्होंने सरकार से ऐसे पहल का समर्थन करने का आग्रह किया जो अंतर-समुदाय समझ को बढ़ावा दें और प्रभावित लोगों की दीर्घकालिक जरूरतों को पूरा करें।
रतन लाल नाथ के बयान भारत के 75वें वर्षगांठ पर आए, जो इसके स्थायी परिणामों पर नई सोच को प्रेरित कर रहा है।
नाथ ने जोर दिया कि लाखों लोगों को विस्थापित किया गया, जिनकी समुदायों को पारंपरिक घरों को छोड़कर अपरिचित क्षेत्रों में अपनी ज़िंदगी फिर से बनानी पड़ी। उन्होंने यह भी कहा कि विभाजन के भावनात्मक और आर्थिक घाव आज भी क्षेत्र की सामाजिक और राजनीतिक गतिशीलता को प्रभावित करते हैं।
मंत्री ने विभाजन के सबक को न भूलने के लिए निरंतर संवाद और स्मरणोत्सव की अपील की। उन्होंने सरकार से ऐसे पहल का समर्थन करने का आग्रह किया जो अंतर-समुदाय समझ को बढ़ावा दें और प्रभावित लोगों की दीर्घकालिक जरूरतों को पूरा करें।
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