📷 चित्र स्रोत: Flickr (CC)
राजनीति
थावरचंद डामोर ने राजस्थान के आदिवासी क्षेत्रों में मालवीय के वर्चस्व को चुनौती दी
✍️ Amar Ujala · Rajasthan
🗓 20 अग. 2026, 03:56 PM
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आदिवासी नेता थावरचंद डामोर ने राजस्थान के tribal belt में मालवीय परिवार के लंबे समय से चले आ रहे प्रभाव को चुनौती दी, जिससे नई राजनीतिक बहस छिड़ी।
राजस्थान के आदिवासी क्षेत्रों में लंबे समय से मालवीय परिवार के वर्चस्व को थावरचंद डामोर ने सार्वजनिक रूप से चुनौती दी, जिससे राजनीतिक माहौल में नई लहर आई है। डामोर ने एक सार्वजनिक सभा में कहा कि यह सत्ता का एकजुट ढांचा स्थानीय जनसंख्या के विविध प्रतिनिधित्व को रोकता है।
डामोर ने मालवीय के प्रभाव को सीमित करने और उभरते हुए आदिवासी नेताओं को निर्णय‑निर्माण प्रक्रिया में अधिक भागीदारी देने की मांग की। उन्होंने कहा कि अधिक समावेशी राजनीति ही क्षेत्र की वास्तविक समस्याओं का समाधान कर सकती है।
मालवीय पक्ष के वरिष्ठ नेताओं ने अपने परिवार की सेवा की परंपरा का बचाव करते हुए डामोर से संवाद करने का आग्रह किया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह टकराव आगामी स्थानीय चुनावों में गठबंधनों को पुनः आकार दे सकता है और शक्ति संतुलन को बदल सकता है।
यह बहस इस बात को भी उजागर करती है कि आदिवासी क्षेत्रों में पारंपरिक राजनीतिक संरचनाओं से बाहर निकलकर नई आवाज़ों को मंच मिलने की मांग बढ़ रही है।
डामोर ने मालवीय के प्रभाव को सीमित करने और उभरते हुए आदिवासी नेताओं को निर्णय‑निर्माण प्रक्रिया में अधिक भागीदारी देने की मांग की। उन्होंने कहा कि अधिक समावेशी राजनीति ही क्षेत्र की वास्तविक समस्याओं का समाधान कर सकती है।
मालवीय पक्ष के वरिष्ठ नेताओं ने अपने परिवार की सेवा की परंपरा का बचाव करते हुए डामोर से संवाद करने का आग्रह किया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह टकराव आगामी स्थानीय चुनावों में गठबंधनों को पुनः आकार दे सकता है और शक्ति संतुलन को बदल सकता है।
यह बहस इस बात को भी उजागर करती है कि आदिवासी क्षेत्रों में पारंपरिक राजनीतिक संरचनाओं से बाहर निकलकर नई आवाज़ों को मंच मिलने की मांग बढ़ रही है।