📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Tanbirvet05
शिक्षा
ट्रेन में 1 घंटे 24 मिनट की देरी से आरबी कॉलेज, दलसिंहसराय के 70‑75 छात्रों की परीक्षा संकट में
✍️ Amar Ujala · Bihar
🗓 20 अग. 2026, 10:03 AM
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समस्तीपुर के शाहपुर पटोरी स्टेशन पर ट्रेन 1 घंटे 24 मिनट देर से पहुंचने से दलसिंहसराय के आरबी कॉलेज में परीक्षा देने वाले 70‑75 छात्रों को खतरा हुआ, DRM की विशेष ट्रेन को राहत उपाय के रूप में चलाया गया।
समस्तीपुर के शाहपुर पटोरी स्टेशन पर एक ट्रेन को एक घंटे 24 मिनट की देरी का सामना करना पड़ा, जैसा कि स्थानीय स्रोतों ने बताया। इस देरी के दौरान दलसिंहसराय के आरबी कॉलेज में परीक्षा देने वाले लगभग 70‑75 छात्र स्टेशन पर पहुँचे थे।
समय पर ट्रेन न पहुँचने से छात्रों को परीक्षा शुरू होने से पहले पहुंचने में कठिनाई हो सकती थी, जिससे कॉलेज और छात्रों दोनों में चिंता उत्पन्न हुई। अभिभावकों और कॉलेज अधिकारियों ने इस स्थिति को गंभीरता से लिया।
स्थिति को संभालने के लिए डिवीजनल रेलवे मैनेजर (DRM) ने एक विशेष ट्रेन चलाने का आदेश दिया, जिससे देर से पहुँचे छात्रों को समय पर परीक्षा स्थल तक पहुंचाया जा सके। यह कदम छात्रों और उनके परिवारों द्वारा सराहा गया।
अधिकारी अभी तक यह पुष्टि नहीं कर पाए हैं कि कोई छात्र परीक्षा से वंचित रहा या नहीं, पर विशेष ट्रेन की त्वरित तैनाती ने इस प्रकार की अनपेक्षित बाधाओं को दूर करने में रेलवे की भूमिका को उजागर किया।
यह घटना बिहार के ग्रामीण और अर्ध‑शहरी क्षेत्रों में समय‑संवेदनशील गतिविधियों, विशेषकर परीक्षाओं, पर रेलवे की समयबद्धता के प्रभाव को दर्शाती है।
समय पर ट्रेन न पहुँचने से छात्रों को परीक्षा शुरू होने से पहले पहुंचने में कठिनाई हो सकती थी, जिससे कॉलेज और छात्रों दोनों में चिंता उत्पन्न हुई। अभिभावकों और कॉलेज अधिकारियों ने इस स्थिति को गंभीरता से लिया।
स्थिति को संभालने के लिए डिवीजनल रेलवे मैनेजर (DRM) ने एक विशेष ट्रेन चलाने का आदेश दिया, जिससे देर से पहुँचे छात्रों को समय पर परीक्षा स्थल तक पहुंचाया जा सके। यह कदम छात्रों और उनके परिवारों द्वारा सराहा गया।
अधिकारी अभी तक यह पुष्टि नहीं कर पाए हैं कि कोई छात्र परीक्षा से वंचित रहा या नहीं, पर विशेष ट्रेन की त्वरित तैनाती ने इस प्रकार की अनपेक्षित बाधाओं को दूर करने में रेलवे की भूमिका को उजागर किया।
यह घटना बिहार के ग्रामीण और अर्ध‑शहरी क्षेत्रों में समय‑संवेदनशील गतिविधियों, विशेषकर परीक्षाओं, पर रेलवे की समयबद्धता के प्रभाव को दर्शाती है।