📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Van1905
यात्रा
असम-मेघालय तनाव से पर्यटन पर धक्का, बुकिंग में 90% रद्दीकरण
✍️ NDTV
🗓 24 अग. 2026, 04:38 PM
👁 3
असम-मेघालय सीमा तनाव के बाद क्षेत्र की लगभग 90% बुकिंग रद्द हो गई, पर्यटन उद्योग ने बताया।
असम और मेघालय के बीच सीमा विवाद के तेज होने से उत्तरपूर्वी भारत के पर्यटन क्षेत्र में गंभीर असर पड़ा है। दोनों राज्यों के होटल, रिसॉर्ट और यात्रा एजेंसियों के अनुसार, इस तनाव के बाद लगभग 90% बुकिंग रद्द हो गई हैं।
सुरक्षा संबंधी चिंताओं के कारण घरेलू और विदेशी यात्रियों ने काज़ीरंगा राष्ट्रीय उद्यान, शिलॉन्ग और ब्रह्मपुत्र नदी तट जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों की यात्राओं को स्थगित या रद्द कर दिया है। यात्रा एजेंसियों ने रिफंड की मांग में तीव्र वृद्धि और साहसिक पैकेजों की पूछताछ में गिरावट दर्ज की है।
असम और मेघालय के पर्यटन विभाग ने यात्रियों को स्थिति पर नजर रखने और सुरक्षा बलों के साथ सहयोग करने की सलाह दी है। अधिकारियों ने कहा कि बुकिंग रद्दीकरण अस्थायी है और सीमा मुद्दे को संवाद के माध्यम से सुलझाने के प्रयास जारी हैं।
विश्लेषकों का मानना है कि यदि तनाव लंबा चलता रहा तो इस क्षेत्र की आय पर स्थायी असर पड़ सकता है, क्योंकि पर्यटन ही प्रमुख राजस्व स्रोत है। वे सुझाव देते हैं कि विवाद सुलझने के बाद यात्रियों का भरोसा फिर से जीतने के लिए प्रमोशन रणनीतियों में विविधता और सुरक्षा सूचना को मजबूत किया जाए।
सुरक्षा संबंधी चिंताओं के कारण घरेलू और विदेशी यात्रियों ने काज़ीरंगा राष्ट्रीय उद्यान, शिलॉन्ग और ब्रह्मपुत्र नदी तट जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों की यात्राओं को स्थगित या रद्द कर दिया है। यात्रा एजेंसियों ने रिफंड की मांग में तीव्र वृद्धि और साहसिक पैकेजों की पूछताछ में गिरावट दर्ज की है।
असम और मेघालय के पर्यटन विभाग ने यात्रियों को स्थिति पर नजर रखने और सुरक्षा बलों के साथ सहयोग करने की सलाह दी है। अधिकारियों ने कहा कि बुकिंग रद्दीकरण अस्थायी है और सीमा मुद्दे को संवाद के माध्यम से सुलझाने के प्रयास जारी हैं।
विश्लेषकों का मानना है कि यदि तनाव लंबा चलता रहा तो इस क्षेत्र की आय पर स्थायी असर पड़ सकता है, क्योंकि पर्यटन ही प्रमुख राजस्व स्रोत है। वे सुझाव देते हैं कि विवाद सुलझने के बाद यात्रियों का भरोसा फिर से जीतने के लिए प्रमोशन रणनीतियों में विविधता और सुरक्षा सूचना को मजबूत किया जाए।