📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Adbh266
शिक्षा
तेलंगाना में शिक्षक‑छात्र अनुपात 1:17, आरटीई मानक से बेहतर, सीएम ने कहा
✍️ ET Education
🗓 12 सित. 2026, 01:18 PM
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मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने बताया कि तेलंगाना के सरकारी स्कूलों में अब शिक्षक‑छात्र अनुपात 1:17 है, जो आरटीई के 1:30 मानक से बेहतर है।
मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने कहा कि तेलंगाना के सरकारी स्कूलों में अब शिक्षक‑छात्र अनुपात 1:17 तक पहुँच गया है, जो राष्ट्रीय आरटीई (राइट टू एजुकेशन) नियम के 1:30 से बेहतर है।
आरटीई अधिनियम के तहत प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में अधिकतम 30 छात्रों को एक शिक्षक के अधीन रखना अनिवार्य है। 1:17 का अनुपात दर्शाता है कि प्रत्येक शिक्षक अब 20 से कम छात्रों को पढ़ा रहा है, जिससे कक्षा में व्यक्तिगत ध्यान संभव हो सकता है।
राज्य ने हालिया शिक्षक भर्ती अभियानों और कम साक्षरता वाले जिलों में अतिरिक्त शिक्षकों की तैनाती को इस सुधार का मुख्य कारण बताया है। साथ ही, छात्र संख्या बढ़ने पर इस अनुपात को बनाए रखने के लिए निरंतर निगरानी की योजना है।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि 1:17 का स्थायी अनुपात छात्र प्रदर्शन में सुधार और ड्रॉप‑आउट दर घटाने में मदद कर सकता है, जो राज्य के शैक्षणिक मानकों को ऊँचा करने के लक्ष्य के अनुरूप है।
आरटीई अधिनियम के तहत प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में अधिकतम 30 छात्रों को एक शिक्षक के अधीन रखना अनिवार्य है। 1:17 का अनुपात दर्शाता है कि प्रत्येक शिक्षक अब 20 से कम छात्रों को पढ़ा रहा है, जिससे कक्षा में व्यक्तिगत ध्यान संभव हो सकता है।
राज्य ने हालिया शिक्षक भर्ती अभियानों और कम साक्षरता वाले जिलों में अतिरिक्त शिक्षकों की तैनाती को इस सुधार का मुख्य कारण बताया है। साथ ही, छात्र संख्या बढ़ने पर इस अनुपात को बनाए रखने के लिए निरंतर निगरानी की योजना है।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि 1:17 का स्थायी अनुपात छात्र प्रदर्शन में सुधार और ड्रॉप‑आउट दर घटाने में मदद कर सकता है, जो राज्य के शैक्षणिक मानकों को ऊँचा करने के लक्ष्य के अनुरूप है।