ट्रांसफार्मर जलने और ओवरलोड से बिजली संकट
दुल्हिन बाजार में आक्रोशित लोगो ने सड़क जाम का किया प्रयास
पटना जिला अंतर्गत दुल्हिन बाजार प्रखंड के बाडी़चक और लाला भद्सारा गांव में लगातार बाधित बिजली आपूर्ति को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा मंगलवार को खुलकर सामने आ गया। ट्रांसफार्मर जलने और ओवरलोड की समस्या से परेशान ग्रामीणों ने लाला भद्सारा बिजली कार्यालय के पास दुल्हिन बाजार–पालीगंज एसएच-2 मार्ग को जाम करने का प्रयास किया। हालांकि, स्थानीय पुलिस प्रशासन की तत्परता से स्थिति को संभाल लिया गया और जाम हटवा दिया गया।
बाडी़चक गांव के ग्रामीण अमित कुमार सिंह ने बताया कि गांव का ट्रांसफार्मर कई दिनों से जला हुआ है, जिससे पूरा गांव अंधेरे में डूबा है। भीषण गर्मी और उमस के बीच बिजली नहीं रहने से लोगों का जनजीवन प्रभावित हो गया है। पेयजल संकट भी गहरा गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली विभाग के जूनियर इंजीनियर को कई बार सूचना देने और शिकायत करने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
वहीं, लाला भद्सारा गांव के अमरेन्द्र कुमार ने बताया कि गांव के तीन नंबर ट्रांसफार्मर पर क्षमता से कहीं अधिक बिजली उपभोक्ताओं का लोड है। इसके अलावा दर्जनों सरकारी मोटर पंप भी इसी ट्रांसफार्मर से संचालित होते हैं। अधिक लोड के कारण ट्रांसफार्मर बार-बार खराब हो जाता है, जिससे पूरे इलाके में बिजली आपूर्ति प्रभावित रहती है।
रवि कुशवाहा का कहना है कि उन्होंने 63 केवीए ट्रांसफार्मर के स्थान पर 200 केवीए क्षमता का नया ट्रांसफार्मर लगाने की मांग को लेकर हस्ताक्षरयुक्त आवेदन विभाग के जेईई को सौंपा था, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसी नाराजगी के कारण लोगों ने सड़क जाम कर विरोध दर्ज कराने की कोशिश की।
मामले पर बिजली विभाग के जेईई बालेश्वर प्रसाद ने बताया कि बाडी़चक गांव के जले हुए ट्रांसफार्मर की मरम्मत कर मंगलवार शाम तक बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि लाला भद्सारा के तीन नंबर ट्रांसफार्मर पर अधिक लोड को देखते हुए वहां दो दिनों के भीतर उच्च क्षमता का नया ट्रांसफार्मर लगाने का निर्देश दे दिया गया है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय के भीतर बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी बिजली विभाग की होगी।
बाडी़चक गांव के ग्रामीण अमित कुमार सिंह ने बताया कि गांव का ट्रांसफार्मर कई दिनों से जला हुआ है, जिससे पूरा गांव अंधेरे में डूबा है। भीषण गर्मी और उमस के बीच बिजली नहीं रहने से लोगों का जनजीवन प्रभावित हो गया है। पेयजल संकट भी गहरा गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली विभाग के जूनियर इंजीनियर को कई बार सूचना देने और शिकायत करने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
वहीं, लाला भद्सारा गांव के अमरेन्द्र कुमार ने बताया कि गांव के तीन नंबर ट्रांसफार्मर पर क्षमता से कहीं अधिक बिजली उपभोक्ताओं का लोड है। इसके अलावा दर्जनों सरकारी मोटर पंप भी इसी ट्रांसफार्मर से संचालित होते हैं। अधिक लोड के कारण ट्रांसफार्मर बार-बार खराब हो जाता है, जिससे पूरे इलाके में बिजली आपूर्ति प्रभावित रहती है।
रवि कुशवाहा का कहना है कि उन्होंने 63 केवीए ट्रांसफार्मर के स्थान पर 200 केवीए क्षमता का नया ट्रांसफार्मर लगाने की मांग को लेकर हस्ताक्षरयुक्त आवेदन विभाग के जेईई को सौंपा था, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसी नाराजगी के कारण लोगों ने सड़क जाम कर विरोध दर्ज कराने की कोशिश की।
मामले पर बिजली विभाग के जेईई बालेश्वर प्रसाद ने बताया कि बाडी़चक गांव के जले हुए ट्रांसफार्मर की मरम्मत कर मंगलवार शाम तक बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि लाला भद्सारा के तीन नंबर ट्रांसफार्मर पर अधिक लोड को देखते हुए वहां दो दिनों के भीतर उच्च क्षमता का नया ट्रांसफार्मर लगाने का निर्देश दे दिया गया है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय के भीतर बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी बिजली विभाग की होगी।