📷 चित्र स्रोत: TOI India (via NewsData)
राजनीति
सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब‑हरियाणा‑हिमाचल के बीच 60 साल पुराने भाकड़ा‑बीस जल विवाद को समाप्त किया
✍️ TOI India
🗓 07 नव. 2026, 07:12 AM
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सुप्रीम कोर्ट ने वह फैसला सुनाया जिससे पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के बीच 60 साल पुराने भाकड़ा‑बीस जल विवाद का अंत हो गया।
नई दिल्ली – सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया, जिससे पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के बीच भाकड़ा‑बीस जल परियोजनाओं के पानी के बंटवारे को लेकर चल रहा साठ साल पुराना विवाद समाप्त हो गया। विस्तृत सुनवाई के बाद जारी यह निर्णय दो नदियों के जल वितरण को लेकर लंबे समय से चल रहे अंतर‑राज्य असहमति को समाप्त करता है।
अदालत ने जल बंटवारे के लिए एक स्पष्ट ढांचा निर्धारित किया है, जिससे तीनों राज्यों को स्थायी और समान वितरण का आश्वासन मिलता है। यह फैसला न केवल जल‑संबंधी तनाव को कम करेगा, बल्कि भाकड़ा‑बीस जलधारा पर निर्भर सिंचाई और जलविद्युत परियोजनाओं के सुगम संचालन में भी मदद करेगा।
तीनों राज्यों के प्रतिनिधियों ने इस निर्णय का स्वागत किया, यह कहते हुए कि कानूनी समाधान मिलने से विकास कार्यों पर ध्यान केंद्रित किया जा सकेगा, न कि निरंतर मुकदमों पर। सुप्रीम कोर्ट की इस हस्तक्षेप ने भारत के सबसे लंबे चलने वाले जल‑बंटवारे विवाद को अंत दिया है।
यह फैसला अंतर‑राज्य जल संसाधन विवादों में न्यायपालिका की भूमिका को उजागर करता है और भविष्य में समान प्रकार के विवादों के निपटारे के लिए एक महत्वपूर्ण मिसाल स्थापित करता है।
अदालत ने जल बंटवारे के लिए एक स्पष्ट ढांचा निर्धारित किया है, जिससे तीनों राज्यों को स्थायी और समान वितरण का आश्वासन मिलता है। यह फैसला न केवल जल‑संबंधी तनाव को कम करेगा, बल्कि भाकड़ा‑बीस जलधारा पर निर्भर सिंचाई और जलविद्युत परियोजनाओं के सुगम संचालन में भी मदद करेगा।
तीनों राज्यों के प्रतिनिधियों ने इस निर्णय का स्वागत किया, यह कहते हुए कि कानूनी समाधान मिलने से विकास कार्यों पर ध्यान केंद्रित किया जा सकेगा, न कि निरंतर मुकदमों पर। सुप्रीम कोर्ट की इस हस्तक्षेप ने भारत के सबसे लंबे चलने वाले जल‑बंटवारे विवाद को अंत दिया है।
यह फैसला अंतर‑राज्य जल संसाधन विवादों में न्यायपालिका की भूमिका को उजागर करता है और भविष्य में समान प्रकार के विवादों के निपटारे के लिए एक महत्वपूर्ण मिसाल स्थापित करता है।