📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Subhashish Panigrahi
अपराध
बलेशोर, ओडिशा में पाँच ओरंगुटन बच्चों की रहस्यमयी आगमन की जांच के लिए एसटीएफ
✍️ kanaknews.com
🗓 16 सित. 2026, 03:46 AM
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ओडिशा की विशेष टास्क फोर्स ने बलेशोर में पाए गए पाँच ओरंगुटन बच्चों की उत्पत्ति को लेकर जांच शुरू कर ली है, जिससे वन्यजीव तस्करी को लेकर चिंता बढ़ी है।
ओडिशा के बलेशोर जिले में पाँच ओरंगुटन बच्चों की अनपेक्षित उपस्थिति की सूचना मिली, जिससे कानून प्रवर्तन एजेंसियों का तुरंत ध्यान आकर्षित हुआ। ये जानवर एक आवासीय क्षेत्र में पाए गए, जिससे स्थानीय लोगों ने अधिकारियों को सूचित किया।
राज्य की विशेष टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने इस मामले की जाँच शुरू कर दी है, जिसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि ये बच्चे राज्य में कैसे पहुँचे। जाँचकर्ता संभावित अवैध वन्यजीव तस्करी नेटवर्क, परिवहन रेकॉर्ड और हालिया पशु तस्करी गतिविधियों की जाँच कर रहे हैं।
अधिकारियों ने बच्चों के स्वास्थ्य या वर्तमान रखरखाव के बारे में विवरण नहीं दिया, पर उन्होंने कहा कि एसटीएफ वन विभाग और वन्यजीव प्राधिकरणों के साथ मिलकर यह सुनिश्चित करेगा कि जानवरों को उचित देखभाल मिले और किसी भी अपराधी को पहचाना व दंडित किया जाए।
यह घटना राज्य की सीमाओं के पार विदेशी प्रजातियों के अवैध परिवहन के बारे में बढ़ती चिंताओं को उजागर करती है, और पूर्वी भारत में वन्यजीव व्यापार मार्गों की कड़ी निगरानी की मांग को भी बल देती है।
राज्य की विशेष टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने इस मामले की जाँच शुरू कर दी है, जिसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि ये बच्चे राज्य में कैसे पहुँचे। जाँचकर्ता संभावित अवैध वन्यजीव तस्करी नेटवर्क, परिवहन रेकॉर्ड और हालिया पशु तस्करी गतिविधियों की जाँच कर रहे हैं।
अधिकारियों ने बच्चों के स्वास्थ्य या वर्तमान रखरखाव के बारे में विवरण नहीं दिया, पर उन्होंने कहा कि एसटीएफ वन विभाग और वन्यजीव प्राधिकरणों के साथ मिलकर यह सुनिश्चित करेगा कि जानवरों को उचित देखभाल मिले और किसी भी अपराधी को पहचाना व दंडित किया जाए।
यह घटना राज्य की सीमाओं के पार विदेशी प्रजातियों के अवैध परिवहन के बारे में बढ़ती चिंताओं को उजागर करती है, और पूर्वी भारत में वन्यजीव व्यापार मार्गों की कड़ी निगरानी की मांग को भी बल देती है।