📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Voice of America
धर्म
सिख संगठनों ने पंजाब में अनिवार्य वंदे मातरम पर विरोध जताया, अकाल तख्त से हस्तक्षेप की माँग
✍️ Amar Ujala · Punjab
🗓 26 अग. 2026, 08:03 PM
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पंजाब के सिख नेता सरकार के वंदे मातरम को अनिवार्य बनाने के निर्णय पर तीव्र विरोध जताते हैं, कहते हैं कि यह उनके धार्मिक सिद्धांतों से टकराता है और अकाल तख्त से हस्तक्षेप की मांग करते हैं।
पंजाब सरकार ने वंदे मातरम को सभी नागरिकों के लिए अनिवार्य घोषित किया है, जिससे राज्य भर के सिख संगठनों में तत्काल विरोध हुआ।
सिख नेताओं का कहना है कि यह निर्णय सिख धार्मिक सिद्धांतों के साथ टकराव पैदा करता है, क्योंकि यह धर्म के अनुष्ठानों से अलग है। वे तर्क देते हैं कि ऐसी अनिवार्यता धार्मिक स्वतंत्रता पर अतिक्रमण है और समुदाय में विभाजन पैदा कर सकती है।
इन संगठनों ने अकाल तख्त से हस्तक्षेप की मांग की है और यदि नीति उलट नहीं की गई तो कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
अभी तक सरकार ने विरोध के प्रति कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, और स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है क्योंकि सिख नेता अपनी मांगों को आगे बढ़ाने के लिए और भी प्रदर्शन की योजना बना रहे हैं।
सिख नेताओं का कहना है कि यह निर्णय सिख धार्मिक सिद्धांतों के साथ टकराव पैदा करता है, क्योंकि यह धर्म के अनुष्ठानों से अलग है। वे तर्क देते हैं कि ऐसी अनिवार्यता धार्मिक स्वतंत्रता पर अतिक्रमण है और समुदाय में विभाजन पैदा कर सकती है।
इन संगठनों ने अकाल तख्त से हस्तक्षेप की मांग की है और यदि नीति उलट नहीं की गई तो कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
अभी तक सरकार ने विरोध के प्रति कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, और स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है क्योंकि सिख नेता अपनी मांगों को आगे बढ़ाने के लिए और भी प्रदर्शन की योजना बना रहे हैं।