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02 Oct 2026•
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Agriculture

शिवपुरी: कलेक्टर के निर्देश पर कृषि खाद विक्रेताओं पर कार्रवाई, एक दुकान सील, चार को नोटिस

✍️ Reporter: Pranav Gaur 🗓 02 Oct 2026, 09:17 PM 👁 7
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शिवपुरी जिले में कलेक्टर अर्पित वर्मा के निर्देशानुसार कृषि विभाग ने उर्वरक, बीज और कीटनाशक विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान अनियमितताएं पाए जाने पर एक दुकान को सील कर दिया गया और चार अन्य को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

कलेक्टर अर्पित वर्मा के निर्देशानुसार, शिवपुरी जिले में कृषि विभाग द्वारा उर्वरक, बीज और कीटनाशक की गुणवत्ता तथा पारदर्शी विक्रय व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में उप संचालक कृषि मुनेश कुमार शाक्य और जिला स्तरीय दल के सदस्यों ने विकासखंड करैरा के विभिन्न कृषि आदान विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान ग्राम बासगढ़ स्थित मैसर्स रावत ट्रेडर्स प्रो. जितेन्द्र पाल के प्रतिष्ठान में गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर उसे तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया।

इसके अतिरिक्त, मैसर्स जैन कृषि मंदिर प्रो. अभिषेक जैन, मैसर्स गैडा एजेन्सी प्रो. मयूर गैंडा, मैसर्स वीरेन्द्र कुमार विवेक कुमार गुप्ता प्रो. वीरेन्द्र कुमार और मैसर्स रावत कृतिका एजेंसी, विकासखंड करैरा के प्रतिष्ठानों पर भी अनियमितताएं पाई गईं। इन चारों प्रतिष्ठानों को कारण बताओ सूचना पत्र जारी कर जवाब तलब किया गया है। उप संचालक कृषि मुनेश कुमार शाक्य ने बताया कि वर्तमान रबी सीजन में किसान उर्वरकों का उठाव कर रहे हैं, इसलिए सभी उर्वरक विक्रेताओं को डीएपी के विकल्प के रूप में एनपीके एवं कॉम्प्लेक्स उर्वरकों के प्रयोग के लिए किसानों को प्रेरित करने का निर्देश दिया गया है।

कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत विक्रेताओं से ही खाद, बीज एवं कीटनाशक दवाइयां खरीदें और प्रत्येक खरीद पर पक्का बिल अवश्य प्राप्त करें। बिना बिल के किसी भी कृषि आदान सामग्री की खरीदारी न करने की सलाह दी गई है। यदि किसी भी प्रतिष्ठान पर अमानक, संदिग्ध या नकली सामग्री के विक्रय की जानकारी मिलती है, तो इसकी सूचना तत्काल निकटतम कृषि कार्यालय में देने का आग्रह किया गया है, ताकि समय पर प्रभावी कार्रवाई की जा सके।

कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसानों को गुणवत्तापूर्ण कृषि आदान सामग्री उपलब्ध कराना एवं पारदर्शी विक्रय व्यवस्था सुनिश्चित करना शासन व प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। अमानक व अवैध विक्रय को रोकने के लिए जिले भर में निरीक्षण अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।
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