📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Kingshuk Mondal
कृषि
राजस्थान की 'पेपर गायें' में पशुपालन रिकॉर्ड की खामियां
✍️ India Today
🗓 13 सित. 2026, 04:32 AM
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इंडिया टुडे ने बताया कि राजस्थान के पशु रजिस्टर में ऐसे गायें दर्ज हैं जिनका कोई वास्तविक अस्तित्व नहीं, जिससे पशुपालन डेटा की विश्वसनीयता पर सवाल उठते हैं।
इंडिया टुडे ने राजस्थान के पशुपालन डेटा में एक अजीब विसंगति उजागर की है, जहाँ कई गायें केवल आधिकारिक रजिस्टर में दर्ज हैं और उनका कोई वास्तविक अस्तित्व नहीं दिखता। रिपोर्ट में बताया गया है कि ऐसे रिकॉर्ड हैं जिनमें पशु नहीं मिलते, जिससे संकेत मिलता है कि ये आँकड़े केवल कागजी काम पर आधारित हो सकते हैं।
इन "पेपर गायों" से कृषि विश्लेषकों को राज्य के पशुपालन आँकड़ों की सटीकता पर सवाल उठाने को मजबूर किया गया है, क्योंकि ये आँकड़े नीतियों, सब्सिडी वितरण और रोग निगरानी के लिए आधार बनते हैं। यदि गिनती गलत हो तो संसाधनों का गलत वितरण और सेक्टर की वास्तविक स्थिति का गलत आकलन हो सकता है।
लेख में राजस्थान पशु विभाग के किसी भी आधिकारिक बयान का उल्लेख नहीं है, जिससे विभाग की प्रतिक्रिया अस्पष्ट बनी हुई है। फिर भी यह तथ्य कागजी प्रविष्टियों के बजाय वास्तविक जाँच की आवश्यकता को रेखांकित करता है।
इन "पेपर गायों" से कृषि विश्लेषकों को राज्य के पशुपालन आँकड़ों की सटीकता पर सवाल उठाने को मजबूर किया गया है, क्योंकि ये आँकड़े नीतियों, सब्सिडी वितरण और रोग निगरानी के लिए आधार बनते हैं। यदि गिनती गलत हो तो संसाधनों का गलत वितरण और सेक्टर की वास्तविक स्थिति का गलत आकलन हो सकता है।
लेख में राजस्थान पशु विभाग के किसी भी आधिकारिक बयान का उल्लेख नहीं है, जिससे विभाग की प्रतिक्रिया अस्पष्ट बनी हुई है। फिर भी यह तथ्य कागजी प्रविष्टियों के बजाय वास्तविक जाँच की आवश्यकता को रेखांकित करता है।