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राजस्थान में बेटे को पिता की संपत्ति में कोपार्सनरी हिस्सा पाने के लिए एचयूएफ बनाना अनिवार्य
✍️ Live Law
🗓 25 अग. 2026, 02:17 PM
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राजस्थान के हालिया फैसले ने कहा कि पिता की विरासत में कोपार्सनरी हिस्सा पाने के लिए बेटे को पहले हिंदू अंडिवाइडेड फैमिली (एचयूएफ) बनानी होगी।
राजस्थान के एक न्यायालय ने स्पष्ट किया कि पिता की विरासत में कोपार्सनरी हिस्सा पाने के लिए बेटे को पहले हिंदू अंडिवाइडेड फैमिली (एचयूएफ) बनानी अनिवार्य है।
राजस्थान हाई कोर्ट की एक पैनल ने इस निर्णय में हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम और एचयूएफ से संबंधित हिंदू कानून की धारा का हवाला देते हुए कहा कि कोपार्सनरी अधिकार केवल मान्य एचयूएफ के भीतर ही उत्पन्न होते हैं।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यह आदेश परिवारों को एचयूएफ पंजीकृत करने के बाद ही बेटे को कोपार्सनरी हिस्सेदारी का दावा करने की अनुमति देगा, जिससे राज्य भर में कई संपत्ति विवादों पर असर पड़ सकता है।
यह निर्णय बेटे के मूल उत्तराधिकार अधिकार को नहीं छीनता; यह केवल एचयूएफ के अस्तित्व पर कोपार्सनरी दावा को निर्भर बनाता है।
न्यायालय ने भविष्य में संपत्ति संबंधी मुकदमों से बचने के लिए पक्षकारों को उचित कानूनी सलाह लेने की सलाह दी।
राजस्थान हाई कोर्ट की एक पैनल ने इस निर्णय में हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम और एचयूएफ से संबंधित हिंदू कानून की धारा का हवाला देते हुए कहा कि कोपार्सनरी अधिकार केवल मान्य एचयूएफ के भीतर ही उत्पन्न होते हैं।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यह आदेश परिवारों को एचयूएफ पंजीकृत करने के बाद ही बेटे को कोपार्सनरी हिस्सेदारी का दावा करने की अनुमति देगा, जिससे राज्य भर में कई संपत्ति विवादों पर असर पड़ सकता है।
यह निर्णय बेटे के मूल उत्तराधिकार अधिकार को नहीं छीनता; यह केवल एचयूएफ के अस्तित्व पर कोपार्सनरी दावा को निर्भर बनाता है।
न्यायालय ने भविष्य में संपत्ति संबंधी मुकदमों से बचने के लिए पक्षकारों को उचित कानूनी सलाह लेने की सलाह दी।