📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / mvskapurthala@gmail.com
कृषि
कम अत्यधिक उपयोग वाले ब्लॉकों के बावजूद पंजाब में भूजल स्तर में विविधता
✍️ The Indian Express
🗓 14 सित. 2026, 08:16 PM
👁 6
हालिया विश्लेषण से पता चलता है कि अत्यधिक उपयोग वाले ब्लॉकों की संख्या घटने के बावजूद पंजाब के जिलों में भूजल स्तर में अंतर है।
इंडियन एक्सप्रेस ने बताया कि पंजाब के जलभरणी की नई जाँच से राज्य में भूजल स्तर में असमानता स्पष्ट हुई है। जबकि अत्यधिक उपयोग वाले ब्लॉकों की कुल संख्या में कमी आई है, कई क्षेत्रों में जल स्तर अभी भी गहरा है।
राज्य जल विभाग का कहना है कि यह मिश्रित स्थिति सिंचाई के तरीकों, फसल पैटर्न और स्थानीय पुनर्भरण दरों में अंतर के कारण है। जहाँ किसानों ने कम पानी वाली फसलों की ओर रुख किया है, वहाँ जल स्तर में हल्की सुधार देखा गया है, जबकि धान जैसी जल‑भारी फसलों पर निर्भर क्षेत्रों में जल स्तर अभी भी गहरा है।
अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अत्यधिक उपयोग वाले ब्लॉकों की घटती संख्या का मतलब यह नहीं कि भूजल समान रूप से सुधरेगा। किसी भी प्रगति को बनाए रखने के लिए निरंतर निगरानी और लक्षित जल‑संरक्षण उपाय आवश्यक हैं।
रिपोर्ट ने जिला‑स्तर के हस्तक्षेपों की आवश्यकता पर बल दिया है, जिससे नीति निर्माताओं को स्थानीय जल‑भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप जल‑बचत प्रोत्साहन प्रदान करने की दिशा में काम करना चाहिए।
राज्य जल विभाग का कहना है कि यह मिश्रित स्थिति सिंचाई के तरीकों, फसल पैटर्न और स्थानीय पुनर्भरण दरों में अंतर के कारण है। जहाँ किसानों ने कम पानी वाली फसलों की ओर रुख किया है, वहाँ जल स्तर में हल्की सुधार देखा गया है, जबकि धान जैसी जल‑भारी फसलों पर निर्भर क्षेत्रों में जल स्तर अभी भी गहरा है।
अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अत्यधिक उपयोग वाले ब्लॉकों की घटती संख्या का मतलब यह नहीं कि भूजल समान रूप से सुधरेगा। किसी भी प्रगति को बनाए रखने के लिए निरंतर निगरानी और लक्षित जल‑संरक्षण उपाय आवश्यक हैं।
रिपोर्ट ने जिला‑स्तर के हस्तक्षेपों की आवश्यकता पर बल दिया है, जिससे नीति निर्माताओं को स्थानीय जल‑भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप जल‑बचत प्रोत्साहन प्रदान करने की दिशा में काम करना चाहिए।