📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Prime Minister's Office
शिक्षा
निति आयोग की टीम ने जम्मू-कश्मीर में शिक्षा एवं बुनियादी ढाँचा सुधारने की मांग की
✍️ Daily Excelsior
🗓 27 अग. 2026, 08:02 AM
👁 7
निति आयोग की प्रतिनिधि टीम ने जम्मू‑कश्मीर का दौरा कर शिक्षा के परिणाम सुधारने और स्कूलों की बुनियादी सुविधाओं को उन्नत करने की आवश्यकता पर बल दिया।
निति आयोग की वरिष्ठ प्रतिनिधि टीम ने इस हफ़्ते जम्मू‑कश्मीर पहुंच कर राज्य की शिक्षा प्रणाली का सर्वेक्षण किया और स्थानीय अधिकारियों से मुलाक़ात की। इस समूह में शैक्षणिक, बुनियादी ढाँचा और वित्तीय विशेषज्ञ शामिल थे, जिन्होंने शहरी व ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के कई स्कूलों का दौरा किया।
टीम ने बताया कि कई स्कूलों में कक्षाओं की कमी, शिक्षण सामग्री का अभाव और मुख्य विषयों में छात्र प्रदर्शन में गिरावट जैसी समस्याएँ बनी हुई हैं। विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में लड़कियों का ड्रॉप‑आउट दर अधिक है और डिजिटल कनेक्टिविटी असमान होने के कारण आधुनिक शिक्षण उपकरणों तक पहुंच सीमित है।
इन चुनौतियों के मद्देनज़र, प्रतिनिधियों ने राज्य सरकार से सुरक्षित एवं सुसज्जित कक्षाओं का निर्माण, शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रमों को सुदृढ़ करने और स्कूलों में ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी बढ़ाने की अपील की। उन्होंने अगले वित्तीय वर्ष में सीखने के परिणाम और बुनियादी ढाँचा सुधार की प्रगति को ट्रैक करने हेतु डेटा‑आधारित निगरानी प्रणाली स्थापित करने की भी सिफारिश की।
टीम ने बताया कि कई स्कूलों में कक्षाओं की कमी, शिक्षण सामग्री का अभाव और मुख्य विषयों में छात्र प्रदर्शन में गिरावट जैसी समस्याएँ बनी हुई हैं। विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में लड़कियों का ड्रॉप‑आउट दर अधिक है और डिजिटल कनेक्टिविटी असमान होने के कारण आधुनिक शिक्षण उपकरणों तक पहुंच सीमित है।
इन चुनौतियों के मद्देनज़र, प्रतिनिधियों ने राज्य सरकार से सुरक्षित एवं सुसज्जित कक्षाओं का निर्माण, शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रमों को सुदृढ़ करने और स्कूलों में ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी बढ़ाने की अपील की। उन्होंने अगले वित्तीय वर्ष में सीखने के परिणाम और बुनियादी ढाँचा सुधार की प्रगति को ट्रैक करने हेतु डेटा‑आधारित निगरानी प्रणाली स्थापित करने की भी सिफारिश की।