📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Home Affairs
राजनीति
मेघालय में 9 यूडीपी विधायक बीजेपी में शामिल हो सकते हैं, कोंराड संगमा पर संकट
✍️ NDTV
🗓 04 सित. 2026, 03:35 AM
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संयुक्त लोकतांत्रिक पार्टी के नौ विधायक बीजेपी में शामिल होने की सम्भावना से कोंराड संगमा की सरकार को दबाव का सामना करना पड़ रहा है।
मेघालय में राजनीतिक माहौल अस्थिर हो रहा है, क्योंकि रिपोर्टों के अनुसार संयुक्त लोकतांत्रिक पार्टी (यूडीपी) के नौ विधायक भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने पर विचार कर रहे हैं। यदि यह कदम उठाया गया तो वर्तमान में राष्ट्रीय जनपार्टी (एनपीपी) के मुख्यमंत्री कोंराड संगमा के नेतृत्व में चल रहे गठबंधन की ताकत में बड़ा बदलाव आ सकता है।
विश्लेषकों का कहना है कि इस प्रकार का परिवर्तन यूडीपी की सौदेबाजी शक्ति को कम कर देगा और भाजपा की मेघालय में पकड़ को मजबूत करेगा। एनपीपी को विधानसभा के 60 सदस्यीय दल में बहुमत बनाए रखने के लिए नई गठबंधन या अतिरिक्त समर्थन की तलाश करनी पड़ सकती है।
यह विकास कोंराड संगमा के नेतृत्व के लिये एक परीक्षा के रूप में देखी जा रही है, क्योंकि उन्हें गठबंधन के संतुलन को बनाए रखते हुए शासन की स्थिरता को सुनिश्चित करना होगा। अभी तक यूडीपी या भाजपा ने इस संभावित पार्टी बदलने के बारे में कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।
राज्य के राजनीतिक दल निकट भविष्य में किसी भी संभावित बदलाव के प्रभाव का आकलन करने के लिये बैठकें करेंगे, और आगामी विधानसभा सत्र इन चर्चाओं का मुख्य मंच बन सकता है।
यह घटना मेघालय की गठबंधन राजनीति में व्यक्तिगत विधायकों की भूमिका को उजागर करती है, जहाँ पार्टी बदलने से सत्ता का संतुलन बदल सकता है।
विश्लेषकों का कहना है कि इस प्रकार का परिवर्तन यूडीपी की सौदेबाजी शक्ति को कम कर देगा और भाजपा की मेघालय में पकड़ को मजबूत करेगा। एनपीपी को विधानसभा के 60 सदस्यीय दल में बहुमत बनाए रखने के लिए नई गठबंधन या अतिरिक्त समर्थन की तलाश करनी पड़ सकती है।
यह विकास कोंराड संगमा के नेतृत्व के लिये एक परीक्षा के रूप में देखी जा रही है, क्योंकि उन्हें गठबंधन के संतुलन को बनाए रखते हुए शासन की स्थिरता को सुनिश्चित करना होगा। अभी तक यूडीपी या भाजपा ने इस संभावित पार्टी बदलने के बारे में कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।
राज्य के राजनीतिक दल निकट भविष्य में किसी भी संभावित बदलाव के प्रभाव का आकलन करने के लिये बैठकें करेंगे, और आगामी विधानसभा सत्र इन चर्चाओं का मुख्य मंच बन सकता है।
यह घटना मेघालय की गठबंधन राजनीति में व्यक्तिगत विधायकों की भूमिका को उजागर करती है, जहाँ पार्टी बदलने से सत्ता का संतुलन बदल सकता है।