📷 चित्र स्रोत: Flickr (CC)
स्थानीय
एनजीटी ने भोपाल के तालाबों पर अतिक्रमण के लिए अधिकारियों को जवाबदेह ठहराया
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 16 सित. 2026, 07:36 PM
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एनजीटी ने भोपाल के सरकारी तालाबों पर अतिक्रमण के लिए अधिकारियों को जवाबदेह ठहराने का निर्देश दिया, सीमाएँ तय कीं और जिला‑वार मानचित्रण अनिवार्य किया।
राष्ट्रीय हरित ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने भोपाल में सरकारी तालाबों पर अतिक्रमण के लिए अधिकारियों को जवाबदेह ठहराने का सख्त निर्देश दिया है, जिसमें प्रमुख भोज वेटलैंड भी शामिल है। इस आदेश के तहत तालाबों की सीमाएँ स्पष्ट रूप से तय की जाएँगी और सभी जल निकायों का जिला‑वार मानचित्रण अनिवार्य किया गया है।
एनजीटी ने यह निर्देश उन शिकायतों के बाद जारी किया है जिनमें अवैध निर्माण और सार्वजनिक जल संसाधनों पर कब्ज़े की बात उठाई गई थी। ट्रिब्यूनल ने ज़ोर देकर कहा है कि न केवल अतिक्रमणकारियों बल्कि उन अधिकारियों को भी जाँच के दायरे में लाया जाएगा जिन्होंने इस स्थिति को होने दिया।
इस आदेश के तहत स्थानीय अधिकारियों से अपेक्षा की जा रही है कि वे सटीक मानचित्र तैयार करें और एक निर्धारित समय सीमा के भीतर ट्रिब्यूनल को रिपोर्ट करें। यह कदम जल संरक्षण नीतियों की समीक्षा और अनधिकृत संरचनाओं को हटाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
एनजीटी ने यह निर्देश उन शिकायतों के बाद जारी किया है जिनमें अवैध निर्माण और सार्वजनिक जल संसाधनों पर कब्ज़े की बात उठाई गई थी। ट्रिब्यूनल ने ज़ोर देकर कहा है कि न केवल अतिक्रमणकारियों बल्कि उन अधिकारियों को भी जाँच के दायरे में लाया जाएगा जिन्होंने इस स्थिति को होने दिया।
इस आदेश के तहत स्थानीय अधिकारियों से अपेक्षा की जा रही है कि वे सटीक मानचित्र तैयार करें और एक निर्धारित समय सीमा के भीतर ट्रिब्यूनल को रिपोर्ट करें। यह कदम जल संरक्षण नीतियों की समीक्षा और अनधिकृत संरचनाओं को हटाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।