🔥 TRENDING BJP and TMC clash over attack on TMC l... 🏏 शहादा येथील विकास विद्यालयाच्या शिर... RAKAPA Leaders Meet Amit Shah on Nov 1... High Court Upholds UAPA Charges Agains... Khursheed Ahmad sheikh is a member of... Murder suspect on the run for 12 years...
07 Nov 2026•
ગુજરાતી मराठी ਪੰਜਾਬੀ বাংলা

*_नमामि गंगे के झीलों बिजपुर परियोजना में कर्मचारियों के शोषण का मामला पहुंचा मुख्यमंत्री जनता दरबार_* _मजदूरों की दर्द नहीं समझे जिलास्तरीय अधिकारी_

✍️ Reporter: Arun Kumar 🗓 07 Nov 2026, 10:31 AM 👁 7
Share: 💬 WhatsApp 📘 Facebook 𝕏 Post

जनता दरबार में कर्मचारी की शिकायत, उप मुख्यमंत्री को भी दिया प्रार्थना पत्र

*_नमामि गंगे के झीलों बिजपुर परियोजना में कर्मचारियों के शोषण का मामला पहुंचा मुख्यमंत्री जनता दरबार_*
_मजदूरों की दर्द नहीं समझे जिलास्तरीय अधिकारी_

*_सोनभद्र/बिजपुर_*
प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना "नमामि गंगे" के सोनभद्र जिले की झीलों-बिजपुर परियोजना में काम कर रहे कर्मचारियों के शोषण का बड़ा मामला सामने आया है।

परियोजना में काम करा रही *_GVPR इंजीनियरिंग लिमिटेड कंपनी_* पर कर्मचारियों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। कर्मचारियों का कहना है कि उनसे रोज _12 घंटे ड्यूटी_ कराई जाती है, लेकिन न तो ओवरटाइम मिलता है, न ही _PF और ESI_ की सुविधा दी जाती है।

आरोप है कि कंपनी मनमाने तरीके से बिना कोई कारण बताए किसी भी कर्मचारी की _बेवजह सेवा समाप्त_ कर देती है। हद तो तब हो गई जब _2 माह की मजदूरी_ भी नहीं दी गई है। मजदूरी मांगने पर कर्मचारी को काम से हटा दिया गया है।

*_जिले में नहीं हुई सुनवाई_*
पीड़ित कर्मचारी का कहना है कि उन्होंने कई बार जिला स्तरीय अधिकारियों, श्रम विभाग और परियोजना अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई, लेकिन जिले के किसी भी अधिकारी ने उनकी नहीं सुनी। हर जगह से निराश होकर शुक्रवार को कर्मचारी मुख्यमंत्री जनता दरबार, लखनऊ पहुंचे।

*_जनता दरबार में दिया पत्र_*
लखनऊ में पीड़ित कर्मचारी ने मुख्यमंत्री जनता दरबार में प्रार्थना पत्र देकर पूरे मामले की शिकायत की। इसके बाद उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य जी को भी ज्ञापन सौंपा।

*_श्रम विभाग में भी की गई है ऑनलाइन शिकायत_*
मजदूर की बेवजह सेवा समाप्ति व मजदूरी का भुगतान नहीं करने तथा बकाया 04 वर्षों के ओवरटाइम का भुगतान नहीं होने व श्रम नीति के उल्लंघन का मामला ऑनलाइन पोर्टल पर भी दर्ज है।

*_पिछले दिनों की गई जनसुनवाई पोर्टल की शिकायतों पर लगाया गया है झूठा आख्या_*
बता दें पिछले कुछ महीने पूर्व में कंपनी द्वारा कर्मचारियों की ताड़ना की शिकायत जनसुनवाई पोर्टल व पी.जी. पोर्टल पर दर्ज कराई गई थी किंतु विभागीय अधिकारियों ने कंपनी के पक्ष में झूठा आख्या लगा कर मामले को निस्तारित कर दिया था और यहां की जमीनी हकीकत कुछ और बयां कर रही है।

*_मजदूर की 5 मांगें -_*
1. बकाया मजदूरी का तुरंत भुगतान हो
2. 12 घंटे के बजाय 8 घंटे की ड्यूटी तय हो और पिछला ओवरटाइम मिले
3. सभी कर्मचारियों का PF और ESI तुरंत लागू हो
4. बेवजह निकाले गए कर्मचारियों को वापस लिया जाए और कंपनी पर कार्रवाई हो
5. सभी कर्मचारी को तत्काल नियुक्ति पत्र उपलब्ध कराया जाए।

मजदूर ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि मामले की उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषीयों पर कार्रवाई की जाए। आरोप है कि जिला स्तरीय विभागीय अधिकारियों ने मजदूरों की गुहार सुनने की बजाय कंपनी की ही तरफदारी करते हैं।
📲Get App