📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Vishal Dutta
राजनीति
मोहन भागवत ने स्पष्ट किया: यूजीसी के मसौदा नियम अभी कानून नहीं
✍️ Amar Ujala · Bhilwara
🗓 15 सित. 2026, 07:31 PM
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आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने आचार्य पुलकसागर महाराज से मुलाकात में कहा कि यूजीसी के प्रस्तावित नियम अभी केवल मसौदे हैं और कानून नहीं बनेगा।
आचार्य पुलकसागर महाराज से मुलाकात में, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने यूजीसी के प्रस्तावित नियमों पर बात की। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब तक जो दस्तावेज़ सामने आए हैं, वे केवल मसौदे हैं और उनका कानून के रूप में कोई दायित्व नहीं है।
भागवत ने बताया कि किसी भी नियम को लागू करने के लिए उसे संसद और संबंधित मंत्रालयों की औपचारिक प्रक्रिया से गुजरना आवश्यक है। उन्होंने चेतावनी दी कि वर्तमान प्रस्तावों को बाध्यकारी नियम के रूप में नहीं माना जाना चाहिए।
बैठक में सामाजिक समरसता, जातिगत विषमता और देश के समग्र विकास के लिए समानता के मुद्दों पर भी चर्चा हुई। भागवत ने राष्ट्रीय एकता और समावेशी विकास के ढाँचे में इन चुनौतियों को हल करने की आवश्यकता पर बल दिया।
हालाँकि यूजीसी के मसौदे ने विभिन्न हितधारकों का ध्यान आकर्षित किया है, भागवत के बयानों से स्पष्ट होता है कि आधिकारिक पुष्टि मिलने तक इन नियमों को कानून के रूप में मानने से परहेज़ करना चाहिए।
भागवत ने बताया कि किसी भी नियम को लागू करने के लिए उसे संसद और संबंधित मंत्रालयों की औपचारिक प्रक्रिया से गुजरना आवश्यक है। उन्होंने चेतावनी दी कि वर्तमान प्रस्तावों को बाध्यकारी नियम के रूप में नहीं माना जाना चाहिए।
बैठक में सामाजिक समरसता, जातिगत विषमता और देश के समग्र विकास के लिए समानता के मुद्दों पर भी चर्चा हुई। भागवत ने राष्ट्रीय एकता और समावेशी विकास के ढाँचे में इन चुनौतियों को हल करने की आवश्यकता पर बल दिया।
हालाँकि यूजीसी के मसौदे ने विभिन्न हितधारकों का ध्यान आकर्षित किया है, भागवत के बयानों से स्पष्ट होता है कि आधिकारिक पुष्टि मिलने तक इन नियमों को कानून के रूप में मानने से परहेज़ करना चाहिए।