📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / India Post, Government of India
धर्म
सहरसा के बाबा कारु खिरहर धाम में महा-सप्तमी पर लाखों ने किया दूध अर्पण
✍️ Amar Ujala · Bihar
🗓 18 अक्टू. 2026, 10:35 AM
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शारदीय नवरात्रि की महा-सप्तमी पर बिहार के सहरसा स्थित बाबा कारु खिरहर धाम में लाखों श्रद्धालुओं ने दुग्ध-अभिषेक किया, जिसे पशुपालकों द्वारा नवजात बछड़े के पहले दूध को भगवान को अर्पित करने की मान्यता है।
बिहार के सहरसा में शारदीय नवरात्रि की महा-सप्तमी पर बाबा कारु खिरहर धाम ने श्रद्धालुओं की भीड़ को आकर्षित किया। यह धाम अपने अनोखे दूध‑नदी अभिषेक के लिए प्रसिद्ध है और इस अवसर पर राज्य‑पार से लोग एकत्रित हुए।
परम्परा के अनुसार, पशुपालक अपने गाय‑भैंस के बछड़े के जन्म के बाद पहला दूध भगवान को अर्पित करते हैं। इस प्रथम दूध को धाम में बड़े पात्रों में डालकर देवता पर बहाया जाता है, जिससे आशीर्वाद की कामना की जाती है।
आयोजनकर्ता बताते हैं कि लाखों श्रद्धालुओं ने इस अभिषेक में भाग लिया, जिससे धाम के प्रांगण में दूध की धारा बनकर बहती रही। सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष प्रबंध किए गए।
यह घटना ग्रामीण बिहार में कृषि‑धर्मीय जीवन के गहरे संबंध को उजागर करती है और इस अनूठी परम्परा को भविष्य में भी संरक्षित रखने की महत्ता को रेखांकित करती है।
परम्परा के अनुसार, पशुपालक अपने गाय‑भैंस के बछड़े के जन्म के बाद पहला दूध भगवान को अर्पित करते हैं। इस प्रथम दूध को धाम में बड़े पात्रों में डालकर देवता पर बहाया जाता है, जिससे आशीर्वाद की कामना की जाती है।
आयोजनकर्ता बताते हैं कि लाखों श्रद्धालुओं ने इस अभिषेक में भाग लिया, जिससे धाम के प्रांगण में दूध की धारा बनकर बहती रही। सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष प्रबंध किए गए।
यह घटना ग्रामीण बिहार में कृषि‑धर्मीय जीवन के गहरे संबंध को उजागर करती है और इस अनूठी परम्परा को भविष्य में भी संरक्षित रखने की महत्ता को रेखांकित करती है।