📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Oinam Premchand
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एनपीएफ विधायक के कहे अनुसार, पहाड़ी जिलों में सड़कों व निवेश की कमी से मणिपुर की अर्थव्यवस्था एक दशक पीछे
✍️ The Hindu
🗓 21 अग. 2026, 03:03 AM
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एनपीएफ विधायक ने कहा, पहाड़ी जिलों में सड़कों और निवेश की कमी से मणिपुर की अर्थव्यवस्था एक दशक पीछे रह गई है।
मणिपुर विधान सभा के नगा पीपल्स फ्रंट (NPF) के एक विधायक ने चेतावनी दी है कि राज्य की आर्थिक प्रगति लगभग एक दशक तक पीछे रह गई है। उन्होंने इस गिरावट का मुख्य कारण पहाड़ी जिलों में पर्याप्त सड़क बुनियादी ढाँचे की कमी और निवेश की अनुपस्थिति बताया, जिससे व्यापार, पर्यटन और कृषि बाजारों तक पहुँच बाधित हो रही है।
उख्रुल, चुराचंदपुर और तामेंगलोंग जैसे पहाड़ी जिलों में मुख्य शहरों से जुड़ाव अभी भी कमजोर है। सीमित सड़कों के कारण स्थानीय उत्पादकों को परिवहन लागत में वृद्धि का सामना करना पड़ता है और वस्तुओं व सेवाओं का प्रवाह रुक जाता है, जिससे आय और रोजगार के अवसर घटते हैं।
विधायक के इस बयान का समय ऐसा है जब मणिपुर की समग्र विकास दर राष्ट्रीय औसत से पीछे है। यदि पहाड़ी क्षेत्रों में कनेक्टिविटी सुधारने और निजी‑सार्वजनिक निवेश को आकर्षित करने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो क्षेत्रीय असमानताएँ बढ़ेंगी और संभावित आर्थिक लाभ खो जाएंगे।
राज्य सरकार ने पहले बुनियादी ढाँचा विकास के कई योजनाएँ घोषित की थीं, परंतु उनकी प्रगति धीमी रही है। अब हितधारकों ने सरकार से पहाड़ी जिलों में सड़क परियोजनाओं को प्राथमिकता देने और निवेश को प्रोत्साहित करने का आग्रह किया है, ताकि आर्थिक गिरावट को उलटा जा सके।
उख्रुल, चुराचंदपुर और तामेंगलोंग जैसे पहाड़ी जिलों में मुख्य शहरों से जुड़ाव अभी भी कमजोर है। सीमित सड़कों के कारण स्थानीय उत्पादकों को परिवहन लागत में वृद्धि का सामना करना पड़ता है और वस्तुओं व सेवाओं का प्रवाह रुक जाता है, जिससे आय और रोजगार के अवसर घटते हैं।
विधायक के इस बयान का समय ऐसा है जब मणिपुर की समग्र विकास दर राष्ट्रीय औसत से पीछे है। यदि पहाड़ी क्षेत्रों में कनेक्टिविटी सुधारने और निजी‑सार्वजनिक निवेश को आकर्षित करने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो क्षेत्रीय असमानताएँ बढ़ेंगी और संभावित आर्थिक लाभ खो जाएंगे।
राज्य सरकार ने पहले बुनियादी ढाँचा विकास के कई योजनाएँ घोषित की थीं, परंतु उनकी प्रगति धीमी रही है। अब हितधारकों ने सरकार से पहाड़ी जिलों में सड़क परियोजनाओं को प्राथमिकता देने और निवेश को प्रोत्साहित करने का आग्रह किया है, ताकि आर्थिक गिरावट को उलटा जा सके।