📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Mgimelfarb
स्वास्थ्य
मणिपुर में आरआईएमएस को एआईआईएमएस दर्जा, सेनापति में नया मेडिकल कॉलेज
✍️ The Assam Tribune
🗓 02 सित. 2026, 12:37 PM
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मणिपुर सरकार ने आरआईएमएस को एआईआईएमएस दर्जा देने और सेनापति जिले में नया मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की मंजूरी दी है।
मणिपुर के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि क्षेत्रीय चिकित्सा विज्ञान संस्थान (RIMS) को एआईआईएमएस दर्जा दिया जाएगा, जिससे राज्य में तृतीयक स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ किया जा सकेगा। असम ट्रिब्यून ने रिपोर्ट किया कि इस निर्णय में सेनापति जिले में नया मेडिकल कॉलेज स्थापित करने का भी समावेश है, जिससे डॉक्टर बनने की इच्छा रखने वाले छात्रों के लिए उच्च शिक्षा के अवसर बढ़ेंगे।
एआईआईएमएस दर्जा मिलने से RIMS में उन्नत बुनियादी ढाँचा, विशेषज्ञ विभाग और अनुसंधान सुविधाएँ आएँगी, जो पूरे भारत के एआईआईएमएस नेटवर्क के मानकों के अनुरूप होंगी। राज्य के अधिकारियों का कहना है कि इससे रोगियों को बेहतर इलाज मिलेगा और योग्य चिकित्सकों को आकर्षित किया जा सकेगा।
सेनापति में नया मेडिकल कॉलेज जिले में पहली बार स्थापित होगा, जिससे मेडिकल सीटों की कमी और स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच में सुधार होगा। यद्यपि विस्तृत समय‑सीमा अभी नहीं बताई गई है, सरकार ने भूमि अधिग्रहण और वित्त पोषण को तेज़ करने का वादा किया है ताकि निर्माण कार्य शीघ्र शुरू हो सके।
इन दोनों पहलों को मणिपुर की स्वास्थ्य बुनियादी ढाँचा और शैक्षणिक क्षमता को बढ़ाने की व्यापक रणनीति के हिस्से के रूप में देखा जा रहा है, जिसका उद्देश्य राज्य के निवासियों को बाहर के अस्पतालों में रेफ़र करने की आवश्यकता को कम करना और समग्र स्वास्थ्य परिणामों में सुधार लाना है।
एआईआईएमएस दर्जा मिलने से RIMS में उन्नत बुनियादी ढाँचा, विशेषज्ञ विभाग और अनुसंधान सुविधाएँ आएँगी, जो पूरे भारत के एआईआईएमएस नेटवर्क के मानकों के अनुरूप होंगी। राज्य के अधिकारियों का कहना है कि इससे रोगियों को बेहतर इलाज मिलेगा और योग्य चिकित्सकों को आकर्षित किया जा सकेगा।
सेनापति में नया मेडिकल कॉलेज जिले में पहली बार स्थापित होगा, जिससे मेडिकल सीटों की कमी और स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच में सुधार होगा। यद्यपि विस्तृत समय‑सीमा अभी नहीं बताई गई है, सरकार ने भूमि अधिग्रहण और वित्त पोषण को तेज़ करने का वादा किया है ताकि निर्माण कार्य शीघ्र शुरू हो सके।
इन दोनों पहलों को मणिपुर की स्वास्थ्य बुनियादी ढाँचा और शैक्षणिक क्षमता को बढ़ाने की व्यापक रणनीति के हिस्से के रूप में देखा जा रहा है, जिसका उद्देश्य राज्य के निवासियों को बाहर के अस्पतालों में रेफ़र करने की आवश्यकता को कम करना और समग्र स्वास्थ्य परिणामों में सुधार लाना है।