📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Koshy Koshy from Faridabad, Haryana, India
धर्म
मध्य प्रदेश में 7500 से अधिक मंदिरों को विशेष सजावट, बड़े परशुराम‑श्रीकृष्ण लोक का भूमिपूजन
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 02 सित. 2026, 06:02 PM
👁 33
जन्माष्टमी पर मध्य प्रदेश में 55 जिलों के 111 स्थलों पर सांस्कृतिक कार्यक्रम, 7500 से अधिक मंदिरों में विशेष सजावट और जनापाव परशुराम‑श्रीकृष्ण लोक के भूमिपूजन में 1500 कलाकारों की प्रस्तुति होगी।
मध्य प्रदेश इस वर्ष जन्माष्टमी के अवसर पर बड़े स्तर पर कार्यक्रम आयोजित कर रहा है, जिसमें 7500 से अधिक मंदिरों को विशेष सजावट से सुसज्जित किया जाएगा। यह सजावट राज्य भर में उत्सव की भावना को उजागर करेगी।
राज्य सरकार ने 55 जिलों में 111 स्थलों को सांस्कृतिक कार्यक्रमों के केंद्र के रूप में चुना है, जहाँ पारंपरिक संगीत, नृत्य और भजन‑कीर्तन प्रस्तुत किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य श्रद्धालुओं की बड़ी भीड़ को आकर्षित करना और क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को सुदृढ़ करना है।
जनापाव पहाड़ी पर आयोजित परशुराम‑श्रीकृष्ण लोक के भूमिपूजन में 1500 कलाकारों द्वारा विभिन्न धार्मिक एवं कलात्मक प्रस्तुतियों का आयोजन होगा। यह समारोह परशुराम के जन्मस्थल के रूप में प्रसिद्ध इस स्थान को श्रद्धालुओं के लिए एक प्रमुख आकर्षण बनाता है।
अधिकारियों ने बताया कि विस्तृत सजावट अभियान और विविध प्रदर्शन सामुदायिक सौहार्द को बढ़ावा देने तथा पवित्र अवधि के दौरान पर्यटन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से किए जा रहे हैं। यह शेड्यूल जन्माष्टमी की पूर्व संध्या से शुरू होकर त्यौहार के कई दिनों तक चलता रहेगा।
राज्य सरकार ने 55 जिलों में 111 स्थलों को सांस्कृतिक कार्यक्रमों के केंद्र के रूप में चुना है, जहाँ पारंपरिक संगीत, नृत्य और भजन‑कीर्तन प्रस्तुत किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य श्रद्धालुओं की बड़ी भीड़ को आकर्षित करना और क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को सुदृढ़ करना है।
जनापाव पहाड़ी पर आयोजित परशुराम‑श्रीकृष्ण लोक के भूमिपूजन में 1500 कलाकारों द्वारा विभिन्न धार्मिक एवं कलात्मक प्रस्तुतियों का आयोजन होगा। यह समारोह परशुराम के जन्मस्थल के रूप में प्रसिद्ध इस स्थान को श्रद्धालुओं के लिए एक प्रमुख आकर्षण बनाता है।
अधिकारियों ने बताया कि विस्तृत सजावट अभियान और विविध प्रदर्शन सामुदायिक सौहार्द को बढ़ावा देने तथा पवित्र अवधि के दौरान पर्यटन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से किए जा रहे हैं। यह शेड्यूल जन्माष्टमी की पूर्व संध्या से शुरू होकर त्यौहार के कई दिनों तक चलता रहेगा।