📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / AngMoKio
धर्म
मध्य प्रदेश में 7,500 से अधिक मंदिरों में सजावट के साथ श्रीकृष्ण पर्व का भव्य आयोजन
✍️ Amar Ujala · Bhopal
🗓 02 सित. 2026, 06:18 PM
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जन्माष्टमी पर मध्य प्रदेश में 7,500 से अधिक मंदिरों में विशेष सजावट और 55 जिलों के 111 स्थानों पर सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे, जिसमें सीएम द्वारा परशुराम‑श्रीकृष्ण लोक का भूमिपूजन किया जाएगा।
मध्य प्रदेश इस वर्ष जन्माष्टमी के अवसर पर एक विस्तृत श्रीकृष्ण पर्व मनाने जा रहा है, जिसमें 7,500 से अधिक मंदिरों को विशेष सजावट से सुसज्जित किया जाएगा। यह पहल राज्य सरकार ने घोषणा की है, जिसका उद्देश्य भगवान कृष्ण से जुड़ी सांस्कृतिक धरोहर को उजागर करना और इस पावन अवसर में जनता की भागीदारी बढ़ाना है।
55 जिलों में 111 स्थानों पर सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें भजन, नृत्य, शास्त्रीय संगीत और पारम्परिक कला का प्रदर्शन होगा। स्थानीय मंदिर समितियों के सहयोग से सजावट में रंगीन रंगोली, प्रकाश व्यवस्था और कृष्ण की कथा को दर्शाने वाले प्रतीकात्मक रूपांकनों का उपयोग किया जाएगा।
मुख्य मंत्री शिवराज सिंह चौहान परशुराम‑श्रीकृष्ण लोक के भूमिपूजन समारोह का संचालन करेंगे, जिससे इस परियोजना की शुरुआत का औपचारिक संकेत मिलेगा। इस समारोह में बड़ी भीड़ की अपेक्षा है, जो धार्मिक परम्पराओं को संरक्षित करने और प्रदेश में पर्यटन को प्रोत्साहित करने के राज्य के लक्ष्य को दर्शाता है।
अधिकारियों का मानना है कि इस पर्व से विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय अर्थव्यवस्था को लाभ होगा, जहाँ मंदिर पर्यटन आय का मुख्य स्रोत है। सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के उपाय लागू किए जा रहे हैं, ताकि भक्तों और आगंतुकों के लिए एक सुरक्षित और सुगम माहौल सुनिश्चित किया जा सके।
55 जिलों में 111 स्थानों पर सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें भजन, नृत्य, शास्त्रीय संगीत और पारम्परिक कला का प्रदर्शन होगा। स्थानीय मंदिर समितियों के सहयोग से सजावट में रंगीन रंगोली, प्रकाश व्यवस्था और कृष्ण की कथा को दर्शाने वाले प्रतीकात्मक रूपांकनों का उपयोग किया जाएगा।
मुख्य मंत्री शिवराज सिंह चौहान परशुराम‑श्रीकृष्ण लोक के भूमिपूजन समारोह का संचालन करेंगे, जिससे इस परियोजना की शुरुआत का औपचारिक संकेत मिलेगा। इस समारोह में बड़ी भीड़ की अपेक्षा है, जो धार्मिक परम्पराओं को संरक्षित करने और प्रदेश में पर्यटन को प्रोत्साहित करने के राज्य के लक्ष्य को दर्शाता है।
अधिकारियों का मानना है कि इस पर्व से विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय अर्थव्यवस्था को लाभ होगा, जहाँ मंदिर पर्यटन आय का मुख्य स्रोत है। सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के उपाय लागू किए जा रहे हैं, ताकि भक्तों और आगंतुकों के लिए एक सुरक्षित और सुगम माहौल सुनिश्चित किया जा सके।