📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Gyanendra_Singh_Chau…
देश
एमपी हाई कोर्ट ने रखरखाव की मंजूरी, फोटो साक्ष्य को खारिज किया
✍️ The Indian Express
🗓 26 अग. 2026, 09:33 AM
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मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने पत्नी के रखरखाव के दावे को मंजूरी दी, यह कहा कि पति द्वारा पेश किए गए फोटो उसकी आर्थिक जरूरत को नहीं दिखाते।
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने एक महिला को उसके पति से रखरखाव पाने की अनुमति देने का आदेश दिया। न्यायालय ने दोनों पक्षों द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य, विशेषकर पति द्वारा पेश किए गए फोटो, की जांच की, जिनमें वह पत्नी की आर्थिक स्वतंत्रता को दर्शाने का दावा कर रहा था।
कोर्ट ने यह कहा कि केवल फोटो यह सिद्ध नहीं कर सकते कि पत्नी की बुनियादी जरूरतें पूरी हो रही हैं, और आर्थिक स्थिति का विस्तृत मूल्यांकन आवश्यक है। इसलिए, पति को कानूनी प्रावधानों के अनुसार नियमित रखरखाव देना अनिवार्य किया गया।
कानूनी विशेषज्ञों ने बताया कि यह फैसला दर्शाता है कि न्यायपालिका सतही दृश्य साक्ष्य के बजाय वास्तविक आर्थिक जरूरतों को प्राथमिकता देती है, और यह राज्य में समान रखरखाव मामलों के लिए एक मिसाल बन सकता है।
कोर्ट ने यह कहा कि केवल फोटो यह सिद्ध नहीं कर सकते कि पत्नी की बुनियादी जरूरतें पूरी हो रही हैं, और आर्थिक स्थिति का विस्तृत मूल्यांकन आवश्यक है। इसलिए, पति को कानूनी प्रावधानों के अनुसार नियमित रखरखाव देना अनिवार्य किया गया।
कानूनी विशेषज्ञों ने बताया कि यह फैसला दर्शाता है कि न्यायपालिका सतही दृश्य साक्ष्य के बजाय वास्तविक आर्थिक जरूरतों को प्राथमिकता देती है, और यह राज्य में समान रखरखाव मामलों के लिए एक मिसाल बन सकता है।