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29 अग. 2026
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केरल में वी.डी. सतेशान सरकार ने 100 दिन पूरे, महिला कल्याण पर ज़ोर, लेकिन वादे अधूरे
📷 चित्र स्रोत: Hindustan Times (via NewsData)
राजनीति

केरल में वी.डी. सतेशान सरकार ने 100 दिन पूरे, महिला कल्याण पर ज़ोर, लेकिन वादे अधूरे

✍️ Hindustan Times 🗓 28 अग. 2026, 08:40 AM 👁 7
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केरल की यूडीएफ सरकार ने 26 अगस्त को 100 दिन पूरे किए, महिला सशक्तिकरण के कई कदम उठाए, पर चुनावी वादों में से कई पूरे नहीं कर पाई।

केरल की यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) सरकार, जिसका नेतृत्व उपमुख्य मंत्री वी.डी. सतेशान कर रहे हैं, ने 26 अगस्त को 100 दिन पूरे किए, जो राज्य के ओणम त्यौहार के साथ ही coincide हुआ। इस अवसर पर सरकार ने महिला सशक्तिकरण के लिए कई कल्याणकारी योजनाएँ लॉन्च कीं, जिनमें स्व-सहायता समूहों के लिए वित्तीय सहायता बढ़ाना, स्वास्थ्य बीमा कवरेज का विस्तार और महिलाओं की औपचारिक रोजगार में भागीदारी बढ़ाने के लिए नई कौशल विकास पहल शामिल हैं।

इन कदमों को सरकार ने लिंग समानता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के प्रमाण के रूप में प्रस्तुत किया, परंतु विपक्षी दलों और नागरिक संगठनों ने कहा कि यूडीएफ के चुनावी घोषणा‑पत्र में दिये गये कई प्रमुख वादे अभी तक पूरे नहीं हुए हैं। प्रमुख मुद्दों में सार्वजनिक स्कूलों के बुनियादी ढाँचे का सुधार, वरिष्ठ नागरिकों के लिए सार्वभौमिक पेंशन योजना का कार्यान्वयन और कृषि ऋण माफी जैसी वादे शामिल हैं, जिन्हें अभी तक लागू नहीं किया गया।

विरोधियों ने केरल विधान सभा के एक सत्र में सरकार पर चयनात्मक शासन और प्रतीकात्मक परियोजनाओं को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया। सरकार ने जवाब देते हुए कहा कि बड़े‑पैमाने पर कार्यक्रमों का क्रमिक कार्यान्वयन प्रारम्भिक चरण में सामान्य है और महिला‑केन्द्रित नई योजनाएँ दीर्घकालिक विकास की नींव रखती हैं।

विश्लेषकों का मानना है कि 100‑दिन की समीक्षा सरकार की राजनीतिक अपेक्षाओं और प्रशासनिक क्षमता के संतुलन को परखने का एक महत्वपूर्ण संकेतक होगी। अगले राज्य चुनाव 2025 में निर्धारित हैं, इसलिए कल्याण वितरण और घोषणा‑पत्र की पूर्ति दोनों पर सरकार का प्रदर्शन आगामी महीनों में मतदाताओं की राय को प्रभावित करेगा।

समग्र रूप से, पहले सौ दिन मिश्रित परिणाम दिखाते हैं: महिला‑विशिष्ट कल्याण में उल्लेखनीय प्रगति के साथ-साथ व्यापक नीति वादों में स्पष्ट अंतराल, जो केरल की नई नेतृत्व के सामने आने वाली चुनौतियों को रेखांकित करता है।
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