📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Manojk
धर्म
केरल में ऑनाम 2026: महाबली पूजा, पुक्कलम और जेन‑ज़ी साध्या का जश्न
✍️ Business Today
🗓 26 अग. 2026, 06:19 PM
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केरल ने ऑनाम 2026 में महाबली की पूजा, पुक्कलम और जेन‑ज़ी साध्या सहित पारंपरिक उत्सव मनाए।
केरल ने 2026 में ऑनाम का उत्सव बड़े पैमाने पर मनाया, जिसमें प्राचीन रीति‑रिवाज़ और युवा संस्कृति का मिश्रण देखा गया। सार्वजनिक स्थानों और घरों की आँगनों में पुक्कलम – फूलों से बनी जटिल रांगोली – सजाई गई, जो सुंदरता के लिए प्रतिस्पर्धा कर रही थीं।
उत्सव का मुख्य केंद्र था पौराणिक राजा महाबली, जिनकी समृद्धि और समानता की कहानी को याद किया गया। मंदिरों और सामुदायिक सभाओं में विशेष प्रार्थनाएँ और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित हुए, जिससे इस त्यौहार का धार्मिक महत्व उजागर हुआ।
जेन‑ज़ी युवाओं के लिए मुख्य आकर्षण था साध्या, जो केले के पत्ते पर परोसा जाने वाला शाकाहारी दावत है। आयोजकों ने पॉप‑कल्चर संगीत और सोशल‑मीडिया चुनौतियों जैसे आधुनिक तत्व जोड़कर युवा सहभागिता बढ़ाई, जबकि पारंपरिक व्यंजन जैसे चावल, सांभर, अवियल और पायसम को बरकरार रखा।
प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन में सुगमता और ग्रामीण‑शहरी दोनों क्षेत्रों में बढ़ती भागीदारी की रिपोर्ट की, जिससे यह स्पष्ट होता है कि ऑनाम केरल के सामाजिक एकता का प्रमुख प्रतीक बना हुआ है।
उत्सव का मुख्य केंद्र था पौराणिक राजा महाबली, जिनकी समृद्धि और समानता की कहानी को याद किया गया। मंदिरों और सामुदायिक सभाओं में विशेष प्रार्थनाएँ और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित हुए, जिससे इस त्यौहार का धार्मिक महत्व उजागर हुआ।
जेन‑ज़ी युवाओं के लिए मुख्य आकर्षण था साध्या, जो केले के पत्ते पर परोसा जाने वाला शाकाहारी दावत है। आयोजकों ने पॉप‑कल्चर संगीत और सोशल‑मीडिया चुनौतियों जैसे आधुनिक तत्व जोड़कर युवा सहभागिता बढ़ाई, जबकि पारंपरिक व्यंजन जैसे चावल, सांभर, अवियल और पायसम को बरकरार रखा।
प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन में सुगमता और ग्रामीण‑शहरी दोनों क्षेत्रों में बढ़ती भागीदारी की रिपोर्ट की, जिससे यह स्पष्ट होता है कि ऑनाम केरल के सामाजिक एकता का प्रमुख प्रतीक बना हुआ है।