📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / G3gpal
खानपान
केरल में नई एफएसएसएआई नियम से पफ़ी पप्पड़म को लेकर चिंता
✍️ The Times of India
🗓 13 सित. 2026, 05:03 AM
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एफएसएसएआई के नए नियम ने केरल में पफ़ी पप्पड़म के भविष्य को लेकर चिंता पैदा कर दी है।
फ़ूड सेफ़्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (एफएसएसएआई) ने हाल ही में एक नया नियम जारी किया है, जिससे पफ़ी पप्पड़म को कड़े नियामक मानकों के तहत लाया गया है। इस मसौदे में इस लोकप्रिय स्नैक को प्रोसेस्ड फ़ूड के रूप में वर्गीकृत किया गया है और इसके लिए सख्त सुरक्षा व लेबलिंग मानदंड निर्धारित किए गए हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस बदलाव से निर्माताओं को उत्पादन प्रक्रिया में बदलाव, सामग्री की स्पष्ट जानकारी और अतिरिक्त प्रमाणपत्र प्राप्त करने की आवश्यकता पड़ सकती है। जबकि लक्ष्य उपभोक्ता सुरक्षा को बढ़ाना है, अभी तक नियमों की विस्तृत रूपरेखा स्पष्ट नहीं हुई है, जिससे कई छोटे और बड़े उद्यमों में अनिश्चितता बनी हुई है।
केरल के पप्पड़म निर्माताओं और व्यापार संघों ने इस कदम पर चिंता जताई है, क्योंकि अतिरिक्त अनुपालन लागत से उत्पादन खर्च बढ़ सकता है और इस लोकप्रिय स्नैक की कीमत में इजाफा हो सकता है। उन्होंने स्पष्ट समय‑सीमा और पारंपरिक कारीगरों के लिए संभावित छूट की मांग की है।
यदि यह नियम जैसा प्रस्तावित है वैसा लागू हो जाता है, तो उपभोक्ताओं को पफ़ी पप्पड़म की कीमत में वृद्धि या उपलब्धता में कमी का सामना करना पड़ सकता है। एफएसएसएआई ने अंतिम नियम तैयार करने से पहले हितधारकों की राय लेने का संकेत दिया है, परन्तु केरल में तत्काल प्रतिक्रिया सतर्कता और चिंता की है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस बदलाव से निर्माताओं को उत्पादन प्रक्रिया में बदलाव, सामग्री की स्पष्ट जानकारी और अतिरिक्त प्रमाणपत्र प्राप्त करने की आवश्यकता पड़ सकती है। जबकि लक्ष्य उपभोक्ता सुरक्षा को बढ़ाना है, अभी तक नियमों की विस्तृत रूपरेखा स्पष्ट नहीं हुई है, जिससे कई छोटे और बड़े उद्यमों में अनिश्चितता बनी हुई है।
केरल के पप्पड़म निर्माताओं और व्यापार संघों ने इस कदम पर चिंता जताई है, क्योंकि अतिरिक्त अनुपालन लागत से उत्पादन खर्च बढ़ सकता है और इस लोकप्रिय स्नैक की कीमत में इजाफा हो सकता है। उन्होंने स्पष्ट समय‑सीमा और पारंपरिक कारीगरों के लिए संभावित छूट की मांग की है।
यदि यह नियम जैसा प्रस्तावित है वैसा लागू हो जाता है, तो उपभोक्ताओं को पफ़ी पप्पड़म की कीमत में वृद्धि या उपलब्धता में कमी का सामना करना पड़ सकता है। एफएसएसएआई ने अंतिम नियम तैयार करने से पहले हितधारकों की राय लेने का संकेत दिया है, परन्तु केरल में तत्काल प्रतिक्रिया सतर्कता और चिंता की है।